50 प्रतिशत छूट का फायदा लेने उमड़ी भीड़, आधे पैसे में निपट रहे चालान
83,098 ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए नालंदा में बनाई गईं दो विशेष बेंच
Nalanda News : शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ हुआ। सुबह 10:30 बजे से ही जिलेभर में विभिन्न मामलों की सुनवाई शुरू हो गई। आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार कुल 21 बेंचों का गठन किया गया है।
इन बेंचों पर बैंक ऋण, न्यायालय से जुड़े लंबित मामलों, ट्रैफिक चालान समेत विभिन्न सुलहनीय मामलों का निपटारा किया जा रहा है। लोक अदालत को लेकर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के समाधान की उम्मीद में पहुंचे।
इस बार नालंदा में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 1 लाख 2 हजार 487 मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है। इनमें सबसे अधिक 83 हजार 98 लंबित ट्रैफिक चालान शामिल हैं। इसके अलावा बैंक ऋण से संबंधित 13 हजार 696 मामले और न्यायालय से जुड़े 5 हजार 693 लंबित मामले भी लोक अदालत में निपटारे के लिए रखे गए हैं।
ट्रैफिक चालान के लिए बनाई गईं विशेष बेंच
ट्रैफिक चालान की बड़ी संख्या को देखते हुए बिहारशरीफ में इसके निपटारे के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की गई है। कॉलेजिएट प्लस टू उच्च विद्यालय के स्मार्ट रूम और डीईओ कार्यालय के हॉल में दो विशेष बेंच बनाई गई हैं। इन बेंचों पर न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता लगातार ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे हैं।
लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के निपटारे में मिलने वाली राहत के कारण बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। चालान का निपटारा कराने आए लोगों के लिए यह राहत का बड़ा अवसर माना जा रहा है। कई लोग लंबित चालान का भुगतान कर अपने मामलों को समाप्त कराने में जुटे हैं।
बैंक ऋण से लेकर चेक बाउंस तक के मामले
राष्ट्रीय लोक अदालत में सिर्फ ट्रैफिक चालान ही नहीं, बल्कि बैंक ऋण, बिजली, खनन, माप-तौल, चेक बाउंस और विभिन्न सुलहनीय आपराधिक मामलों की भी सुनवाई हो रही है। मामलों की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग बेंचों पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है।
बिहारशरीफ में कुल 12 बेंच, जबकि हिलसा अनुमंडल में 7 बेंच काम कर रही हैं। इन बेंचों पर संबंधित मामलों की सुनवाई कर पक्षकारों के बीच समझौते के आधार पर मामलों का निपटारा किया जा रहा है।
एक साल से अटका बैंक लोन, लोक अदालत में हुआ सेटलमेंट
लोक अदालत में पहुंचे लोगों ने भी मामलों के निपटारे के बाद राहत की बात कही। परवलपुर निवासी शुभांकर रंजन ने बताया कि उनका बैंक लोन से जुड़ा मामला करीब एक साल से अटका हुआ था। लोक अदालत में उन्होंने डेढ़ लाख रुपये जमा किए, जिसके बाद उनके पूरे लोन का सेटलमेंट हो गया।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित मामले का समाधान होने से उन्हें काफी राहत मिली है। लोक अदालत के माध्यम से समझौते के आधार पर मामले का निपटारा होने से लोगों को समय और अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से भी राहत मिल रही है।
चार हजार का ट्रैफिक चालान दो हजार में निपटा
वहीं ट्रैफिक चालान का निपटारा कराने पहुंचे रमेश कुमार उर्फ नीरज ने बताया कि उनकी स्कॉर्पियो पर ओवरस्पीडिंग के दो चालान थे। दोनों चालान दो-दो हजार रुपये, यानी कुल चार हजार रुपये के थे। लोक अदालत में 50 प्रतिशत छूट का लाभ लेते हुए उन्होंने चार हजार रुपये के चालान का निपटारा महज दो हजार रुपये में करा लिया।
ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए पहुंची भीड़ को देखते हुए लोगों ने लोक अदालत की व्यवस्था को उपयोगी बताया। साथ ही मांग की कि जिस तरह 90 दिनों के अंतराल पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होता है, उसी तरह यदि इसे हर महीने आयोजित किया जाए तो लंबित मामलों के निपटारे में लोगों को और अधिक सहूलियत मिल सकती है।
अधिक से अधिक मामलों के निपटारे पर जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजेश कुमार गौरव ने कहा कि कानूनी दायरे में रहते हुए आम जनता को अधिक से अधिक राहत देना और ज्यादा से ज्यादा मामलों का निपटारा करना ही राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को सुलह-समझौते के आधार पर अपने लंबित मामलों का त्वरित समाधान कराने का अवसर मिलता है।
नालंदा में इस बार एक लाख से अधिक मामलों के निपटारे का लक्ष्य और अकेले 83 हजार से अधिक ट्रैफिक चालान की संख्या यह बताती है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे हैं। शनिवार को देर तक विभिन्न बेंचों पर मामलों की सुनवाई और निपटारे की प्रक्रिया जारी रही।