सासाराम/नौहट्टा: Rohtas जिले में सोन नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच एक घड़ियाल मछली पकड़ने के जाल में फंस गया। घटना चुटिया थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव के समीप की है। मछुआरों ने जाल खींचा तो उसमें घड़ियाल को फंसा देखकर वे सहम गए। बाद में उन्होंने हिम्मत जुटाकर घड़ियाल को रस्सी से बांधकर नाव पर रखा और इसकी सूचना प्रशासन को दी।
सोन नदी के जलस्तर में हाल के दिनों में बढ़ोतरी के कारण रोहतास के तटीय इलाकों में प्रशासन पहले से लोगों को सतर्क कर रहा है। ग्रामीणों और मछुआरों को नदी से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी गई है।
मछली के जाल में फंसा घड़ियाल
बताया गया कि पड़रिया गांव के पास मछुआरों ने सोन नदी में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया था। जाल खींचने के दौरान उसमें घड़ियाल फंसा मिला। अचानक घड़ियाल दिखाई देने से मछुआरों में कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया।
इसके बाद मछुआरों ने उसे रस्सी से बांधकर अपनी नाव पर रख लिया और घटना की जानकारी प्रशासन को दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की जानकारी मिलने पर डेहरी एसडीएम नीलेश कुमार ने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम चुटिया थानाध्यक्ष रोहित कुमार के साथ मौके पर पहुंची।
टीम ने घड़ियाल को अपने कब्जे में लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर प्राकृतिक वास में छोड़ दिया। रेस्क्यू टीम में आदित्य प्रियदर्शी, मनीष कुमार, सुमित कुमार, दुर्गेश कुमार और गौरव कुमार शामिल रहे।
रेंजर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मछुआरों द्वारा घड़ियाल को बांधकर रखे जाने की सूचना मिलते ही टीम को भेजा गया था। उन्होंने बताया कि घड़ियाल को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित प्राकृतिक वास में छोड़ दिया गया।
बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने जारी की चेतावनी
एसडीएम ने बताया कि सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में मुख्य धारा और तटीय इलाकों में जलीय जीवों के भटककर आने की संभावना रहती है।
प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से नदी के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को नदी में तैरने, स्नान करने और मछली पकड़ने के लिए जाने से परहेज करने की सख्त हिदायत दी गई है।
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर रोहतास प्रशासन पहले भी तटीय इलाकों में लोगों को सतर्क कर चुका है। हाल में बाणसागर से पानी छोड़े जाने के बाद भी ग्रामीणों और मछुआरों को सोन नदी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई थी।