Saharsa Sadar Hospital News: सदर अस्पताल परिसर में डॉक्टर और पत्रकार के बीच हुई झड़प से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने घटना का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
प्रशासन का कहना है कि जांच के जरिए घटना की वास्तविक स्थिति और पूरे मामले से जुड़े तथ्यों को निष्पक्ष तरीके से सामने लाया जाएगा।
यह मामला 12 सितंबर 2026 को सहरसा सदर अस्पताल में चिकित्सक डॉ. एसके आजाद और प्रभात खबर डिजिटल के संवाददाता अभिषेक कुमार के बीच हुई झड़प से संबंधित है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया और जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया।
घटना की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने घटना को अनुचित और निंदनीय बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया है। गठित जांच समिति उपलब्ध तथ्यों, घटना से जुड़ी परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी पक्ष को दोषी ठहराने के बजाय जांच के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने लाने पर जोर दिया गया है।
अस्पताल में डॉक्टर, मरीज और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल प्रबंधन को विशेष निर्देश जारी किए हैं। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों, उनके परिजनों और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच समुचित समन्वय और मर्यादित व्यवहार सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन का मानना है कि अस्पताल ऐसा स्थान है जहां स्वास्थ्य सेवाएं लगातार चलती रहनी चाहिए। इसलिए किसी भी विवाद या टकराव की स्थिति से मरीजों के इलाज और अस्पताल की नियमित व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए व्यवस्था के निर्देश
जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासन की कोशिश है कि अस्पताल परिसर में सभी संबंधित पक्षों के बीच संवाद और सहयोग का माहौल बना रहे।
इस मामले को लेकर सामने आई अन्य मीडिया रिपोर्टों में भी पत्रकार और अस्पताल से जुड़े लोगों के बीच विवाद की जानकारी दी गई है, हालांकि घटना के पूरे तथ्यों और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
DM ने सभी पक्षों से की संयम की अपील
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने घटना से जुड़े सभी पक्षों से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विवाद के बीच भी सदर अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहनी चाहिए।
अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा और यह स्पष्ट होगा कि 12 सितंबर की घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।