Nalanda news: जिलाधिकारी उदिता सिंह ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त 18 मामलों की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने संबंधित लोक प्राधिकारों एवं पदाधिकारियों को आम लोगों की शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान परिमार्जन, रसीद निर्गत करने, अंचल कार्यालय द्वारा गलत जांच प्रतिवेदन दिए जाने तथा परिमार्जन प्लस पोर्टल पर आवेदन लंबित रहने से संबंधित मामलों पर सुनवाई की गई।
इसके अलावा अतिक्रमण कर सीढ़ी निर्माण, पईन की भूमि से अतिक्रमण हटाने, आम गैरमजरूआ पैन एवं रास्ते से अतिक्रमण हटाने तथा मंदिर के सामने संचालित मांस-मछली की दुकानों को हटाकर स्थल को अतिक्रमणमुक्त कराने से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए शिकायतों का निष्पादन किया गया।
वहीं, अवैध अतिक्रमण, परिवादी के भाई द्वारा गलत आवेदन के आधार पर कॉलोनी का लाभ लिए जाने तथा परिवादी के आवेदन पर कॉलोनी रद्द किए जाने, पेंशन चालू कराने, अवैध पशु हाट बंद कराने, बांध को मजबूत कराने और घर के नाले का पानी सड़क पर गिरने से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए सुनवाई की अगली तिथि निर्धारित की गई।
संबंधित अधिकारियों को इन मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी पाया कि कुछ मामलों का निवारण संबंधित लोक प्राधिकारों द्वारा निर्धारित सुनवाई की तिथि से पहले ही कर दिया गया था। उन्होंने संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई की समीक्षा की तथा शिकायतों के निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने शेष मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकारों एवं पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि लोक शिकायतों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
सुनवाई के दौरान आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए निर्धारित समय सीमा में मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया।