Munger News: जिस बेटे के बेहतर भविष्य के लिए पिता दिन-रात ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे, उसी बेटे की गोली लगने से मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। मुंगेर के नौलखा निवासी इशांत कुमार टाउन उच्च विद्यालय में पढ़ता था।
परिवार के मुताबिक इशांत पढ़ाई कर आगे चलकर अफसर बनना चाहता था और उसके पिता चंदन कुमार भी बेटे को अफसर बनाने का सपना देखते थे।
शनिवार को इशांत रोज की तरह स्कूल गया था। परिवार को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद घर में मातम छा जाएगा।
स्कूल से लौटने के बाद इशांत के दोस्त ऋतुराज ने बताया कि निरंजन कुमार और आयुष कुमार ने उसे बिजली कार्यालय के पास बुलाया था। परिवार का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद विवाद के दौरान निरंजन ने इशांत की कनपटी में गोली मार दी।
गोली लगते ही इशांत गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। दोस्तों ने उसे तत्काल एक निजी क्लीनिक पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे मुंगेर सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन प्राथमिक उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इशांत तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। जिस घर में बेटे की पढ़ाई और भविष्य को लेकर चर्चा होती थी, वहां अब मातम पसरा है।
ई-रिक्शा चलाकर बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते थे पिता
इशांत के पिता चंदन कुमार ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आमदनी के बावजूद उनका पूरा प्रयास रहता था कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। परिवार के अनुसार, चंदन अपने बेटे को पढ़ाकर उसे एक दिन अफसर बनते देखना चाहते थे।
इशांत की मौत के बाद पिता का यह सपना अधूरा रह गया। घर में उसकी किताबें और पढ़ाई से जुड़ी चीजें मौजूद हैं, लेकिन अब उन्हें इस्तेमाल करने वाला बेटा नहीं रहा। मां, पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
दो महीने पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
परिजनों के अनुसार, करीब दो महीने पहले इशांत और उसकी बहन हसरगंज के लाल का चौक के पास ट्यूशन पढ़ने जाते थे। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान रास्ते में निरंजन कुमार और आयुष कुमार द्वारा उसकी बहन से छेड़खानी की जाती थी।
परिजनों के मुताबिक विरोध के बाद बच्चों का ट्यूशन जाना बंद करा दिया गया था। परिवार का आरोप है कि इसी पुराने विवाद को लेकर इशांत को शनिवार को बातचीत या समझौते के नाम पर बुलाया गया था। हालांकि, बातचीत आगे बढ़ने से पहले ही गोली चलने की बात सामने आई।
इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और घटना के पीछे वास्तविक कारण तथा आरोपितों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इशांत के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल टीम गठित की गई थी। डॉ. आशीष, डॉ. आशीष-टू और डॉ. रूपेश कुमार की देखरेख में पोस्टमार्टम कराया गया।
पुलिस अब गोली चलने की वजह, आरोपितों की भूमिका और करीब दो महीने पुराने विवाद समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।