रोहतास: बिहार के छोटे से जिले रोहतास से निकलकर जापान की क्रिकेट टीम तक पहुंचना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अभिषेक आनंद ने पढ़ाई में भी अपना मुकाम बनाया और क्रिकेट के जुनून को भी कभी पीछे नहीं छोड़ा।
IIT कानपुर से रसायन विज्ञान की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब वह नौकरी के लिए जापान पहुंचे, तब भी बल्ले से उनका रिश्ता नहीं टूटा। क्लब क्रिकेट से शुरू हुआ यह सफर अब जापान की राष्ट्रीय टीम तक पहुंच चुका है।
अभिषेक की कहानी खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने क्रिकेट को अपना करियर बनाने के बजाय पढ़ाई और नौकरी के साथ खेल को लगातार जारी रखा। इसी निरंतरता ने उन्हें जापान के घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता दिया।
रोहतास में पढ़ाई, IIT कानपुर में बनाया मजबूत आधार
अभिषेक आनंद का संबंध बिहार के रोहतास जिले से है। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई बिहार में पूरी की और इसके बाद IIT कानपुर में रसायन विज्ञान की पढ़ाई की। वर्ष 2022 में उन्होंने IIT कानपुर से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद नौकरी के सिलसिले में वह जापान चले गए।
जापान पहुंचने के बाद उनके सामने एक तरफ प्रोफेशनल जिंदगी थी तो दूसरी तरफ क्रिकेट का जुनून। उन्होंने दोनों के बीच संतुलन बनाया और स्थानीय क्लब क्रिकेट में खेलना शुरू किया।
क्लब क्रिकेट से खुला नेशनल टीम का रास्ता
जापान में क्लब स्तर पर लगातार क्रिकेट खेलने के बाद अभिषेक ने घरेलू प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई। उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें जापान की राष्ट्रीय टीम के प्रशिक्षण ढांचे में जगह मिली।
जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने 2026 के पुरुष नेशनल स्क्वाड में भी अभिषेक आनंद का नाम शामिल किया है। यह स्क्वाड जापान की अंतरराष्ट्रीय टीम तैयार करने के लिए शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का प्रशिक्षण समूह है।
हालांकि, मौजूदा भारत-जापान टी20 मुकाबले के लिए घोषित जापान की 15 सदस्यीय टीम में अभिषेक का नाम नहीं है। इसलिए उनकी 2026 की नेशनल स्क्वाड में मौजूदगी और किसी खास मैच की प्लेइंग टीम/स्क्वाड में चयन को अलग-अलग समझना जरूरी है।
2025 में पहली बार जापान के लिए खेले अंतरराष्ट्रीय मैच
अभिषेक ने 9 मई 2025 को कुक आइलैंड्स के खिलाफ अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और दाएं हाथ से मध्यम गति की गेंदबाजी भी करते हैं।
इसके बाद उन्होंने जापान के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 275 रन बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 55 रन है और उनके नाम एक अर्धशतक भी दर्ज है। गेंदबाजी में उन्होंने एक विकेट लिया है, जबकि फील्डिंग में 9 कैच पकड़े हैं।
थाईलैंड के खिलाफ 43 रन की तेज पारी
2026 में थाईलैंड ओपन टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दौरान भी अभिषेक ने अपनी बल्लेबाजी का प्रभाव दिखाया। थाईलैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 28 गेंदों पर 43 रन बनाए। इसके बाद बहरीन के खिलाफ 17 गेंदों पर नाबाद 37 रन की पारी खेली।
जापान के लिए खेलते हुए ऐसे प्रदर्शन अभिषेक के सफर को और खास बनाते हैं। बिहार से निकलकर IIT की पढ़ाई, फिर जापान में नौकरी और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट—उनकी कहानी यह दिखाती है कि करियर की जिम्मेदारियों के साथ अपने पसंदीदा खेल को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।
भारत के खिलाफ जापान के ऐतिहासिक मुकाबले के बीच चर्चा में आए अभिषेक
इन दिनों जापान की क्रिकेट टीम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 22 सितंबर 2026 को भारत और जापान के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला प्रस्तावित है। जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने इस मैच के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम घोषित की है।
ऐसे समय में रोहतास के अभिषेक आनंद की कहानी बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास दिलचस्प बन गई है। हालांकि वह इस मुकाबले की घोषित जापानी टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन 2026 के जापान नेशनल स्क्वाड में उनका नाम होना उनके अब तक के सफर की बड़ी उपलब्धि है।
एक तरफ नौकरी, दूसरी तरफ क्रिकेट का जुनून
अभिषेक की कहानी का सबसे अहम पहलू यही है कि उन्होंने विदेश जाकर नौकरी शुरू करने के बाद क्रिकेट को अलविदा नहीं कहा। उन्होंने समय निकालकर क्लब क्रिकेट खेला, घरेलू स्तर पर प्रदर्शन किया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय क्रिकेट के करीब पहुंचे।
रोहतास से IIT कानपुर और फिर जापान तक का यह सफर केवल क्रिकेट की कहानी नहीं, बल्कि पढ़ाई, करियर और जुनून को साथ लेकर चलने की कहानी है।