बांका/अमरपुर: गणेश महोत्सव के दौरान आयोजित मटका फोड़ प्रतियोगिता का समापन पुरस्कार राशि को लेकर विवाद के साथ हुआ। अमरपुर शहर के सार्वजनिक पुस्तकालय परिसर में यंग बैचलर एसोसिएशन की ओर से आयोजित चार दिवसीय गणेश महोत्सव में शुक्रवार रात मटका फोड़ प्रतियोगिता और प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम हुआ।
प्रतियोगिता में बैदाचक की आजाद ग्रुप टीम ने मटका फोड़कर जीत हासिल की, लेकिन पुरस्कार राशि को लेकर आयोजक समिति और विजेता टीम के बीच मतभेद हो गया।
विजेता टीम का कहना था कि प्रतियोगिता से पहले 51 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी, जबकि जीत के बाद पुरस्कार राशि घटाकर 21 हजार रुपये कर दी गई। इसके विरोध में टीम ने पुरस्कार लेने से इंकार कर दिया।
51 हजार रुपये पुरस्कार की हुई थी घोषणा
मटका फोड़ प्रतियोगिता का उद्घाटन अमरपुर के पूर्व प्रत्याशी एवं भाजपा नेता डा. मृणाल शेखर ने किया था। उन्होंने विजेता टीम को अपने निजी कोष से 51 हजार रुपये देने की घोषणा की थी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एसोसिएशन की ओर से करीब ढाई दशक से गणेश महोत्सव आयोजित किए जाने की बात भी कही।
प्रतियोगिता में दिग्घीपोखर, विश्म्भरचक और बैदाचक की टीमों ने हिस्सा लिया। शुरुआत में मटका निर्धारित ऊंचाई पर बांधा गया था, लेकिन किसी भी टीम के सदस्य उसे फोड़ने में सफल नहीं हो सके।
इसके बाद आयोजन समिति ने मटके की ऊंचाई कम कर दी। कम ऊंचाई पर प्रतियोगिता दोबारा शुरू हुई और बैदाचक की आजाद ग्रुप टीम ने अपने पहले प्रयास में मटका फोड़ दिया।
जीत के बाद पुरस्कार राशि को लेकर शुरू हुआ विवाद
मटका फूटने के बाद पुरस्कार राशि को लेकर विजेता टीम और आयोजन समिति के बीच बातचीत बिगड़ गई। विजेता टीम के सदस्यों का कहना था कि उन्हें प्रतियोगिता से पहले 51 हजार रुपये पुरस्कार देने की जानकारी दी गई थी। इसके अलावा मटका फोड़ने वाले युवक को चांदी की कलम से सम्मानित करने की बात भी कही गई थी।
टीम के मुताबिक, जीत के बाद पुरस्कार राशि को 51 हजार रुपये से घटाकर 21 हजार रुपये किए जाने पर उन्होंने पुरस्कार स्वीकार नहीं किया।
गोला चौक पर करीब आधे घंटे तक हंगामा
पुरस्कार राशि में बदलाव से नाराज विजेता टीम के सदस्यों ने शनिवार को गोला चौक पर विरोध जताया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। फिलहाल विवाद को लेकर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी बात सामने आई है।
आयोजन समिति ने बताई अलग वजह
आयोजन समिति के अध्यक्ष धीरज महतो ने पुरस्कार राशि कम किए जाने को लेकर अलग पक्ष रखा। उनका कहना है कि 51 हजार रुपये का पुरस्कार निर्धारित ऊंचाई पर मटका फोड़ने पर तय किया गया था।
चूंकि निर्धारित ऊंचाई पर कोई टीम मटका नहीं फोड़ सकी और बाद में ऊंचाई कम की गई, इसलिए कम ऊंचाई पर मटका फोड़ने वाली टीम के लिए पुरस्कार राशि 21 हजार रुपये निर्धारित की गई थी।
इस तरह मटका फोड़ प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के बाद पुरस्कार राशि को लेकर उठा विवाद चर्चा का विषय बन गया। पुलिस की मौजूदगी में हंगामा शांत कराया गया।