JP University News: जयप्रकाश विश्वविद्यालय (JPU) परिसर में विद्यार्थियों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की ओर से चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को समाप्त हो गया। कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई अनशन स्थल पर पहुंचे और छात्रों व कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
कुलपति ने अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से की बातचीत
विश्वविद्यालय परिसर बंद होने के बावजूद कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई अनशन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक परेशानियों को उनके सामने रखा और जल्द समाधान की मांग की।
छात्रों की ओर से खास तौर पर परीक्षा प्रपत्र, लंबित मार्कशीट, फीस और विश्वविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
परीक्षा प्रपत्र और मार्कशीट का मुद्दा प्रमुख
वार्ता के दौरान सत्र 2023-27 के विद्यार्थियों के परीक्षा प्रपत्र नहीं भर पाने की समस्या सामने रखी गई। इसके साथ ही लंबित मार्कशीट के जल्द वितरण की मांग भी की गई।
विद्यार्थियों का कहना था कि परीक्षा और मार्कशीट से जुड़ी देरी के कारण उन्हें अपनी आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
UG-PG फीस और कॉलेजों की शुल्क वसूली पर भी सवाल
छात्रों ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस से जुड़ी समस्याओं को भी कुलपति के सामने रखा। अभाविप कार्यकर्ताओं ने यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में शुल्क कम करने की मांग की।
इसके अलावा कॉलेज स्तर पर निर्धारित फीस से अधिक राशि लिए जाने के आरोप का मुद्दा भी उठाया गया। छात्रों ने शुल्क व्यवस्था को लेकर स्पष्टता और विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने की मांग रखी।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी रखी मांग
अनशनरत छात्रों ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की। छात्रों ने कहा कि शैक्षणिक समस्याओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिसर में सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान भी जरूरी है।
कुलपति ने जल्द कार्रवाई का दिया भरोसा
छात्रों के साथ हुई बातचीत में कुलपति ने संबंधित समस्याओं पर शीघ्र पहल और समाधान का आश्वासन दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखने की बात कही गई।
वार्ता के बाद कुलपति ने अनशन पर बैठे रवि पांडेय और यशवंत कुमार को जूस पिलाकर अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कराया।
अभाविप ने कहा- अब आश्वासन के बाद कार्रवाई का इंतजार
अभाविप की ओर से कहा गया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों की लंबित समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखना था।
परिषद ने प्रशासन के आश्वासन का सम्मान करने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि छात्रों की समस्याओं का व्यावहारिक और समयबद्ध समाधान जरूरी है। अब विद्यार्थियों की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई पर है।