बांका: अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर पंचायत अंतर्गत विश्मभरचक गांव में बिजली करंट की चपेट में आने से 21 वर्षीय अनुज कुमार राय की मौत हो गई। भाई को बचाने की कोशिश में उसका भाई रितेश भी करंट की चपेट में आ गया और बेहोश हो गया। घायल रितेश का इलाज रेफरल अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना शुक्रवार की बताई गई है।
परिजनों के अनुसार अनुज घर के बरामदे की सीढ़ी से छत पर बने कमरे की ओर जा रहा था। इसी दौरान वह विद्युत प्रवाहित तार के संपर्क में आ गया और सीढ़ी पर गिर पड़ा। भाई को इस हालत में देखकर रितेश उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन वह भी बिजली की चपेट में आ गया।
परिजनों ने बिजली का तार काटकर दोनों को अलग किया
घटना के बाद घर में मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। परिजनों ने पहले बिजली का तार काटा और दोनों भाइयों को अलग किया। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने अनुज कुमार राय को मृत घोषित कर दिया, जबकि रितेश का उपचार जारी है।
मृतक के चाचा विकास राय ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अनुज मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक और भावनात्मक संकट आ गया है। परिजनों के लिए घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि अनुज की उम्र कम थी और वह परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान देता था।

बारिश के कारण करंट फैलने की आशंका
परिजनों ने बताया कि पिछले दो दिनों से बारिश हो रही थी। इसी कारण खुले बिजली तार से सीढ़ी में करंट प्रवाहित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि करंट किस तकनीकी वजह से सीढ़ी तक पहुंचा, इसकी आधिकारिक जांच संबंधी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए घटना के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
बारिश के दौरान खुले या क्षतिग्रस्त विद्युत तारों से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। घर के आसपास बिजली व्यवस्था में किसी प्रकार की खराबी होने पर लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। विश्मभरचक की घटना में भी परिजनों ने बारिश और खुले तार को संभावित कारण बताया है।
इलाज के दौरान नहीं बच सका अनुज
परिजनों ने दोनों भाइयों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकीय जांच के बाद अनुज को मृत घोषित किया गया। रितेश के इलाज की जानकारी परिवार को दी गई है। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।
अनुज की मौत ने परिवार को अचानक गहरे सदमे में डाल दिया है। जो युवक रोजमर्रा की मजदूरी के जरिए परिवार की जरूरतें पूरी करने में लगा था, उसकी असमय मौत से घर की जिम्मेदारियों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। परिजन इस हादसे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।

बिजली सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। खुले तार, बारिश और नमी का संयोजन गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। हालांकि इस मामले में बिजली विभाग की ओर से किसी कार्रवाई या तकनीकी जांच की जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस या संबंधित विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्युत तार में क्या खराबी थी और करंट सीढ़ी तक किस तरह पहुंचा।
फिलहाल परिवार का ध्यान घायल रितेश के इलाज पर है। वहीं अनुज की मौत से गांव में शोक की स्थिति बनी हुई है। घटना के वास्तविक तकनीकी कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर आगे की कार्रवाई संबंधित जांच के आधार पर होगी।
