जमुई: बिहार एसटीएफ, जमुई जिला पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान दिवेश कुमार के रूप में हुई है। उसे 29 अक्टूबर 2026 को जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित पाठकचक गांव में उसके घर से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई महाराष्ट्र के सीबीडी बेलापुर थाना कांड संख्या 190/26 से जुड़ी बताई गई है।
STF के अनुसार, यह मामला 4 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(c) और 66(d) का उल्लेख है। संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र में दर्ज मामले में वांछित आरोपी की तलाश करते हुए बिहार के जमुई तक पहुंच बनाई और उसके घर पर कार्रवाई की।
महाराष्ट्र केस में जमुई से गिरफ्तारी
दिवेश कुमार पिता अयोध्या यादव, ग्राम पाठकचक, थाना सिकंदरा, जिला जमुई का निवासी बताया गया है। STF की विशेष टीम ने जमुई जिला पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर उसके घर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इस गिरफ्तारी का आधार महाराष्ट्र के सीबीडी बेलापुर थाना कांड संख्या 190/26 को बताया गया है। मामले में BNS की धारा 318(4) और IT Act की धारा 66(c), 66(d) लगाई गई हैं। उपलब्ध आधिकारिक सूचना में मामले की घटना का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है, इसलिए इस स्तर पर प्राथमिकी में दर्ज धाराओं से आगे कोई अतिरिक्त आरोप जोड़ना उचित नहीं होगा।

दो राज्यों की पुलिस के समन्वय से कार्रवाई
इस मामले में बिहार और महाराष्ट्र की पुलिस के बीच समन्वय कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा रहा। आरोपी बिहार के जमुई जिले में रह रहा था, जबकि उसके खिलाफ दर्ज मामला महाराष्ट्र के सीबीडी बेलापुर थाने में है। ऐसे मामलों में वांछित व्यक्ति की लोकेशन की पुष्टि के बाद स्थानीय पुलिस की सहायता से गिरफ्तारी की जाती है।
29 अक्टूबर की कार्रवाई में बिहार STF की विशेष टीम, जमुई जिला पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस शामिल रही। संयुक्त कार्रवाई के बाद आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित पुलिस टीम के हवाले किया गया। आगे की प्रक्रिया मामले की कानूनी जरूरतों और संबंधित न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
आरोपी के खिलाफ दो मामले दर्ज होने की जानकारी
STF की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि गिरफ्तार आरोपी दिवेश कुमार के खिलाफ महाराष्ट्र और बिहार के थानों में दो मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं। हालांकि, प्रेस नोट में इन दोनों मामलों के थाना नंबर, तारीख और धाराओं का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है।
इसलिए दूसरे मामलों के संबंध में विस्तृत निष्कर्ष निकालने के बजाय फिलहाल STF की आधिकारिक सूचना तक ही तथ्य सीमित रखना उचित है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और संबंधित मामलों की जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

सिकंदरा के पाठकचक से पकड़ा गया आरोपी
दिवेश कुमार की गिरफ्तारी उसके गांव से हुई है। यह पहलू जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि महाराष्ट्र में दर्ज मामले में वांछित आरोपी की तलाश बिहार तक पहुंची। स्थानीय स्तर पर आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि के बाद संयुक्त टीम ने उसके घर पर कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड का मिलान करेंगी। यदि संबंधित मामले में डिजिटल साक्ष्य या वित्तीय लेन-देन की जांच चल रही है, तो आरोपी से पूछताछ के जरिए उन कड़ियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में STF की ओर से कोई अतिरिक्त विवरण जारी नहीं किया गया है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर
महाराष्ट्र में दर्ज मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की प्रक्रिया संबंधित कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार होगी। चूंकि मामला दूसरे राज्य की पुलिस से जुड़ा है, इसलिए ट्रांजिट और न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित औपचारिकताएं भी महत्वपूर्ण होंगी।
फिलहाल आधिकारिक सूचना के अनुसार, दिवेश कुमार को 29 अक्टूबर को पाठकचक स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई में बिहार STF, जमुई पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस शामिल रही। आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र और बिहार में दो मामलों का भी उल्लेख किया गया है। मामले की विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

