भागलपुर/मुंगेर: बिहार एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। STF की विशेष टीम ने भागलपुर जिला पुलिस और पश्चिम बंगाल STF के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए शीत कुमार राम को पकड़ा। आरोपी मुंगेर जिले का रहने वाला है और उसे 29 अक्टूबर 2026 को भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया।
STF के अनुसार, शीत कुमार राम पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के डेंगंगा थाना कांड संख्या 552/24 में वांछित था। यह मामला 15 सितंबर 2024 को दर्ज किया गया था और इसमें आर्म्स एक्ट की कई धाराएं लगाई गई हैं। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
डेंगंगा केस में भागलपुर से गिरफ्तारी
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बिहार एसटीएफ की विशेष टीम ने भागलपुर जिला पुलिस और पश्चिम बंगाल STF के साथ मिलकर कार्रवाई की। जांच में सामने आए ठिकाने के आधार पर जोगसर थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई और शीत कुमार राम को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पिता कैलाश पोद्दार, निवासी पानी टंकी, थाना नया रामनगर, जिला मुंगेर के रूप में की गई है। वह पश्चिम बंगाल में दर्ज डेंगंगा थाना कांड में वांछित बताया गया था। संयुक्त कार्रवाई के बाद अब संबंधित मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

2024 में दर्ज हुआ था आर्म्स एक्ट का मामला
STF की सूचना के अनुसार, डेंगंगा थाना कांड संख्या 552/24 की प्राथमिकी 15 सितंबर 2024 को दर्ज की गई थी। मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1ए), 25(1एए), 25(1बी)(ए), 25(6), 25(8) और 27 का उल्लेख है। इन धाराओं के तहत दर्ज मामले में शीत कुमार राम को वांछित आरोपी बताया गया था।
प्रेस नोट में घटना का विस्तृत विवरण या कथित बरामद हथियारों का अलग से उल्लेख नहीं है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की प्रकृति को आर्म्स एक्ट से जुड़े वांछित आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित रखना उचित है। पुलिस और जांच एजेंसियां आगे की प्रक्रिया संबंधित रिकॉर्ड और केस डायरी के आधार पर करेंगी।
मुंगेर से भागलपुर तक पहुंची तलाश
आरोपी का पता मुंगेर जिले के नया रामनगर थाना क्षेत्र में है, जबकि गिरफ्तारी भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र से हुई। इससे पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में दर्ज मामले की जांच और आरोपी की तलाश बिहार के दूसरे जिलों तक पहुंची। ऐसे मामलों में वांछित व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाने के बाद स्थानीय पुलिस और विशेष टीम के सहयोग से कार्रवाई की जाती है।
इस कार्रवाई में बिहार STF, भागलपुर जिला पुलिस और पश्चिम बंगाल STF का संयुक्त समन्वय रहा। अंतरराज्यीय मामलों में अलग-अलग राज्यों की पुलिस के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान गिरफ्तारी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण होता है।

गिरफ्तारी के समय मोबाइल बरामद
शीत कुमार राम के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। डिजिटल उपकरण की जांच आगे की कार्रवाई में उपयोगी हो सकती है। हालांकि, बरामद मोबाइल से क्या जानकारी मिली या उसका मामले में क्या संभावित इस्तेमाल था, इस संबंध में STF ने कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है। इसलिए इस स्तर पर उसके आधार पर किसी अतिरिक्त भूमिका का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
जांच एजेंसियां आरोपी के आपराधिक इतिहास और पश्चिम बंगाल में दर्ज मामले से उसके संबंध की जानकारी भी जुटा सकती हैं। उपलब्ध प्रेस नोट में उसके अन्य मामलों या पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
आगे की जांच में स्पष्ट होगी भूमिका
गिरफ्तारी के बाद अब संबंधित एजेंसियों के सामने आरोपी की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि करने की प्रक्रिया होगी। आर्म्स एक्ट के मामले में प्राथमिकी में दर्ज धाराओं और केस से जुड़े साक्ष्यों का मिलान किया जाएगा। यदि जांच में अन्य लोग या अतिरिक्त कड़ियां सामने आती हैं तो संबंधित एजेंसियां उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं।
फिलहाल आधिकारिक सूचना के आधार पर शीत कुमार राम को डेंगंगा थाना, पश्चिम बंगाल के कांड संख्या 552/24 में वांछित आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई भागलपुर के जोगसर थाना क्षेत्र में हुई और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

