मुजफ्फरपुर: बिहार एसटीएफ ने साहेबगंज थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में वांछित आरोपी आदर्श कुमार उपाध्याय उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया है। STF की विशेष टीम ने 29 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर में छापेमारी कर उसे पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी सारण जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी साहेबगंज थाना कांड संख्या 442/26 में वांछित था। यह मामला 26 मई 2026 को दर्ज किया गया था और इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 123 और 303(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से कई सामान भी बरामद किए गए हैं, जिनमें दो स्मार्टफोन, डिजिटल घड़ी, एक चार पहिया वाहन, नकद राशि और अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
साहेबगंज केस में मुजफ्फरपुर से गिरफ्तारी
STF के अनुसार, बिहार एसटीएफ की विशेष टीम ने साहेबगंज थाना कांड से जुड़े आरोपी की तलाश में कार्रवाई की। जांच के क्रम में आरोपी के मुजफ्फरपुर सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर में मौजूद होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद टीम ने वहां छापेमारी की और आदर्श कुमार उपाध्याय उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पहचान पिता महेश उपाध्याय के रूप में की गई है। वह सारण जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के सेमराढ़िया गांव का निवासी बताया गया है। गिरफ्तारी की कार्रवाई के बाद पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।

गिरफ्तारी के समय कई सामान बरामद
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आरोपी के पास से दो स्मार्टफोन और एक डिजिटल घड़ी बरामद हुई। इसके अलावा एक चार पहिया वाहन, 450 रुपये नकद, एक डॉलर का नोट और चांदी जैसी दिखाई देने वाली धातु की एक अंगूठी भी मिली। जांच टीम ने तीन एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सामान भी बरामद किया है।
बरामद मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड जैसे सामान जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, इन वस्तुओं का मामले में वास्तविक इस्तेमाल क्या था, इसका निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा। उपलब्ध STF सूचना में बरामद सामान के आधार पर किसी अतिरिक्त अपराध या भूमिका का निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
26 मई को दर्ज हुआ था मामला
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, साहेबगंज थाना कांड संख्या 442/26 दिनांक 26 मई 2026 का है। मामले में BNS की धारा 318(4), 123 और 303(2) का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने इसी मामले में आदर्श कुमार उपाध्याय को वांछित आरोपी के रूप में चिन्हित किया था।
किसी मामले में गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां आम तौर पर प्राथमिकी में दर्ज आरोपों, बरामद सामग्री और आरोपियों से जुड़े अन्य तथ्यों का मिलान करती हैं। इस मामले में भी बरामद मोबाइल, वाहन और दस्तावेजों की जांच से केस से संबंधित अतिरिक्त जानकारी सामने आ सकती है। हालांकि, STF ने अभी इन वस्तुओं के विशिष्ट उपयोग या कथित अपराध में उनकी भूमिका का विस्तृत विवरण नहीं दिया है।

सारण से मुजफ्फरपुर तक पहुंची जांच
इस कार्रवाई का एक अहम पहलू यह है कि आरोपी का स्थायी पता सारण जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र में बताया गया है, जबकि गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर के भगवानपुर इलाके से हुई। इससे यह संकेत मिलता है कि पुलिस की तलाश आरोपी के संभावित ठिकानों तक पहुंचने के बाद की गई कार्रवाई पर आधारित थी। अलग-अलग जिलों में आरोपी की मौजूदगी का पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस और विशेष टीमों के बीच समन्वय जरूरी होता है।
STF की कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच संबंधित थाना और जांच एजेंसी के स्तर पर आगे बढ़ेगी। आरोपी के आपराधिक इतिहास के बारे में इस प्रेस नोट में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए उसके संबंध में किसी अन्य मामले को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
बरामद डिजिटल सामान पर जांच की नजर
दो स्मार्टफोन और अन्य दस्तावेजों की बरामदगी इस जांच में आगे उपयोगी हो सकती है। यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत इन उपकरणों की जांच की जाती है तो उनसे मामले से जुड़े संपर्कों, लेन-देन या अन्य डिजिटल गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सकती है। इसी तरह एटीएम कार्ड और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल आधिकारिक सूचना के आधार पर आदर्श कुमार उपाध्याय उर्फ पप्पू की गिरफ्तारी साहेबगंज थाना कांड संख्या 442/26 में हुई है। पुलिस ने कई सामान बरामद किए हैं और आगे की जांच जारी है।

