Chhapra News। छपरा जंक्शन पर रविवार सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब रेलवे के पार्सल कार्यालय के पास एक कार्टून में नवजात का शव मिला। स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही के बीच कार्टून पर लोगों की नजर पड़ी तो इसकी सूचना रेल पुलिस को दी गई।
मामला सामने आते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और कार्टून को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पार्सल कार्यालय के पास पड़ा था कार्टून
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह छपरा जंक्शन के पार्सल कार्यालय के आसपास यात्रियों और रेलकर्मियों की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान वहां एक संदिग्ध कार्टून दिखाई दिया। जब लोगों ने उसके बारे में जानकारी ली तो अंदर नवजात का शव मिलने से हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी थानाध्यक्ष गुंजन कुमार, आरपीएफ के विशाल कुमार और सीआईबी के बृज सुंदर मौके पर पहुंचे। रेल पुलिस ने कार्टून को अपने कब्जे में लिया और नवजात के शव को बाहर निकालकर जांच शुरू की।
छपरा जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल पहले से ही निगरानी अभियान चला रहा है। हाल में स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों और सामान की जांच भी बढ़ाई गई है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कार्टून में किसने रखा और उसे स्टेशन के पार्सल कार्यालय के पास कब लाकर छोड़ा गया।
जांच के दौरान कार्टून और आसपास के स्थान से मिलने वाले संभावित साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CCTV फुटेज से खुलेगा राज?
रेल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि नवजात के शव को कार्टून में रखकर स्टेशन तक कौन पहुंचा था?
इसका जवाब तलाशने के लिए पुलिस स्टेशन परिसर और पार्सल कार्यालय के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति या कार्टून लेकर आने-जाने वाले किसी शख्स की गतिविधि दिखाई देने पर जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने आसपास मौजूद रेलकर्मियों और अन्य लोगों से भी पूछताछ की है। जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार्टून वहां कितनी देर से पड़ा था और सबसे पहले उसे किसने देखा।
नवजात की पहचान अब तक नहीं
फिलहाल नवजात की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस शव के संबंध में आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कराने में जुटी है। चिकित्सकीय जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
रेल पुलिस फिलहाल पूरे मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। नवजात की पहचान, मौत की वजह और शव को स्टेशन पर छोड़ने वाले व्यक्ति तक पहुंचना जांच की प्रमुख कड़ियों में शामिल है।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच से मिलने वाले सुराग महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।