Jamui News/बोड़वा। झाझा प्रखंड में बारिश के बाद ग्रामीण सड़क की स्थिति खराब हो गई है। बलियाडीह पंचायत के करमा गांव के पास करमा पुलिया के समीप सड़क का एप्रोच तेज पानी के बहाव में कटकर बह गया। एप्रोच का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद सड़क भी धंस गई है।
इससे इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय रिपोर्ट में भी करमा के पास प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क के एप्रोच के बहने और दर्जनों गांवों के संपर्क प्रभावित होने की बात सामने आई है।
तेज बहाव में कट गया सड़क का हिस्सा
बताया जा रहा है कि बरसात के अंतिम दौर में हुई तेज बारिश के बाद करमा पुलिया के पास पानी का बहाव काफी तेज हो गया। पानी का दबाव बढ़ने के कारण सड़क का एप्रोच वाला हिस्सा कट गया और बहाव के साथ मिट्टी का बड़ा हिस्सा बह गया।
एप्रोच के क्षतिग्रस्त होने से सड़क का एक हिस्सा नीचे धंस गया है। फिलहाल यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों के लिए भी यह स्थान जोखिम भरा हो गया है।
कई गांवों के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग
करमा होकर गुजरने वाली यह सड़क आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। घोरमारा, पीपरा, जुड़पनिया, ढेकियो, ठेलपत्थर, मयूरनचा और पांती समेत कई गांवों के लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसी मार्ग से ग्रामीण नरगंजो रेलवे स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए तक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क के क्षतिग्रस्त होने से रोजाना आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों, दैनिक यात्रियों और मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए बाहर निकलने में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहले से जर्जर थी सड़क, सुरक्षात्मक व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत पहले से ही अच्छी नहीं थी। पुलिया के पास बारिश के पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षात्मक व्यवस्था नहीं होने की वजह से स्थिति और बिगड़ गई।
लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कटाव रोकने के उपाय और सुरक्षा कार्य कराए जाते तो सड़क को इस तरह क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता था।
यह समस्या ऐसे समय में सामने आई है जब जिले के दूसरे इलाकों में भी लगातार बारिश से ग्रामीण सड़कों और पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत की मांग की
सामाजिक कार्यकर्ता कार्तिक कुसुम यादव ने कहा कि यह सड़क कई गांवों को मुख्य मार्ग और रेलवे स्टेशन से जोड़ती है। उनके अनुसार, एप्रोच का कटकर बह जाना गंभीर समस्या है और विभाग को तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवागमन बहाल कराने की जरूरत है।
उन्होंने आशंका जताई कि अगर कटाव को जल्द नहीं रोका गया तो बारिश के बाद सड़क का और बड़ा हिस्सा टूट सकता है।
करमा के शिवलाल टुडू, दिलीप बास्के, शिक्षक विकास कुमार, दिनेश यादव और चिंटू कुमार तथा मयूरनचा के राजू बास्के समेत अन्य ग्रामीणों ने भी जल्द कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने फिलहाल कटाव वाले हिस्से पर बालू की बोरियां और बोल्डर पिचिंग कराने की मांग की है। इसके साथ ही पुलिया के आसपास स्थायी सुरक्षात्मक काम और बेहतर जलनिकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग भी उठाई गई है।
तत्काल जरूरत क्या है?
- क्षतिग्रस्त एप्रोच की तत्काल मरम्मत
- कटाव रोकने के लिए बालू की बोरियां और बोल्डर पिचिंग
- पुलिया के आसपास मजबूत सुरक्षात्मक कार्य
- पानी की निकासी के लिए बेहतर Drainage System
- सड़क की तकनीकी जांच
- आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल व्यवस्था
फिलहाल ग्रामीणों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। सड़क की मरम्मत नहीं होने पर आने वाले दिनों में आवागमन की समस्या और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।