शनिवार सुबह 34.42 मीटर पर पहुंचा गंगा का पानी, खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर; नाथनगर और नवगछिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब भी परेशानी
Bhagalpur News: भागलपुर में गंगा के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिली है। शनिवार सुबह छह बजे भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.42 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार सुबह इसी समय नदी का जलस्तर 34.54 मीटर था। यानी 24 घंटे में पानी 12 सेंटीमीटर नीचे आया।
हालांकि, राहत के बावजूद बाढ़ का संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। भागलपुर में गंगा का खतरे का निशान 33.68 मीटर है। शनिवार सुबह नदी इस स्तर से अभी भी 74 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। इससे निचले और तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी अब भी लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। हालिया दिनों में भी गंगा के जलस्तर में गिरावट का रुख दर्ज किया गया है।
शुक्रवार शाम से भी छह सेंटीमीटर घटा पानी
गंगा के जलस्तर में गिरावट की रफ्तार पिछले 24 घंटों में अपेक्षाकृत तेज हुई है। शुक्रवार शाम छह बजे भागलपुर में नदी का जलस्तर 34.48 मीटर था। शनिवार सुबह छह बजे यह घटकर 34.42 मीटर रह गया। इस तरह केवल 12 घंटे में छह सेंटीमीटर की कमी दर्ज हुई।
आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुवार सुबह छह बजे गंगा 34.60 मीटर पर थी। शाम छह बजे यह 34.57 मीटर, शुक्रवार सुबह 34.54 मीटर और शुक्रवार शाम 34.48 मीटर दर्ज की गई। शनिवार सुबह यह और नीचे आकर 34.42 मीटर पर पहुंच गई।
इससे संकेत मिल रहा है कि नदी में अब घटाव का ट्रेंड बना हुआ है। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकलने में अभी समय लग सकता है।
नाथनगर में तीन से साढ़े तीन फीट पानी
नाथनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी कम होने से लोगों ने कुछ राहत महसूस की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिन स्थानों पर पहले करीब पांच फीट तक पानी जमा था, वहां अब पानी घटकर लगभग तीन से साढ़े तीन फीट रह गया है।
इसके बावजूद सामान्य जनजीवन अभी पटरी पर नहीं लौटा है। कई जगहों पर आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों को उम्मीद है कि अगर गंगा का जलस्तर इसी तरह नीचे जाता रहा तो अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और सुधार हो सकता है।
नवगछिया में बांधों पर अभी दबाव
नवगछिया इलाके में गंगा और कोसी के जलस्तर में मामूली कमी जरूर आई है, लेकिन बाढ़ की स्थिति अभी बनी हुई है। गोपालपुर और इस्माइलपुर के कई निचले इलाकों में पानी फैला हुआ है।
बाढ़ के कारण कई परिवारों को सड़क या बांध पर रहने की मजबूरी बनी हुई है। ब्रह्मोत्तर बांध और इस्माइलपुर-बिंदटोली बांध पर पानी का दबाव भी चिंता का विषय बना हुआ है। प्रशासन के साथ स्थानीय लोग भी बांधों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
पीरपैंती का दियारा अब भी पानी में डूबा
पीरपैंती के दियारा क्षेत्र में भी गंगा का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन इलाके की स्थिति में अभी बड़ा बदलाव नहीं आया है। दियारा क्षेत्र के कई हिस्से अब भी जलमग्न हैं।
सड़कों पर पानी का तेज बहाव होने के कारण आवागमन प्रभावित है। खेतों और घरों के आसपास भी पानी जमा है। ऐसे में जलस्तर में गिरावट के बावजूद बाढ़ पीड़ित परिवारों की मुश्किलें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
पानी घटने के बाद भी बढ़ी दूसरी परेशानियां
बाढ़ का पानी कम होने के साथ कई इलाकों में कीचड़, जलजमाव और खराब रास्तों की समस्या सामने आ रही है। लोगों को आशंका है कि पानी उतरने के बाद बीमारी और साफ-सफाई से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।
फिलहाल बाढ़ प्रभावित लोगों की नजर गंगा के जलस्तर पर बनी हुई है। अगर अगले कुछ दिनों तक नदी का जलस्तर लगातार नीचे जाता है तो भागलपुर के निचले इलाकों में भी धीरे-धीरे राहत की उम्मीद बढ़ सकती है। लेकिन जब तक पानी खतरे के निशान से नीचे नहीं आता, तब तक प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बनी रहेगी।