पटना, 11 सितंबर 2026। बिहार के गृह विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की कवायद अब तेज होने जा रही है। विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करने के लिए रिक्तियों से लेकर रोस्टर क्लियरेंस, अधियाचना और विज्ञापन तक हर चरण की निगरानी करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को गृह विभाग में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए और हर स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए।
प्रधान सचिव पंकज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गृह विभाग के विभिन्न निदेशालयों से प्राप्त नियुक्ति संबंधी रिपोर्ट की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य फोकस विभाग में मौजूद रिक्तियों को जल्द से जल्द भरने और नियुक्ति प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में आ रही देरी को दूर करने पर रहा।
पहले सामने आएगी रिक्त पदों की पूरी तस्वीर
गृह विभाग ने सभी निदेशालयों से प्राप्त नियुक्ति संबंधी रिपोर्ट को एक जगह समेकित करने का निर्णय लिया है। प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी समेकित रिपोर्ट तैयार की जाए, जिसमें अलग-अलग पदों पर मौजूद रिक्तियों और उनके विरुद्ध अब तक हुई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी हो।
इस रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि किसी पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया किस चरण में है। इससे विभाग को यह पता लगाने में आसानी होगी कि कौन-सी नियुक्ति रोस्टर क्लियरेंस के स्तर पर लंबित है, कहां अधियाचना भेजी जानी बाकी है और किन पदों के लिए विज्ञापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा चुकी है।
रोस्टर से लेकर विज्ञापन तक हर चरण की निगरानी
बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया के उन चरणों को खास तौर पर चिह्नित किया गया, जहां प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई जरूरी है। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि रोस्टर क्लियरेंस, अधियाचना और विज्ञापन की स्थिति के आधार पर विभिन्न पदों पर नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाए।
यानी जिन पदों के लिए जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें आगे बढ़ाने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। विभाग का प्रयास है कि नियुक्ति प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए रिक्तियों को जल्द भरा जाए।

हर चरण की होगी नियमित समीक्षा
प्रधान सचिव पंकज कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जाए। यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया अटकती है तो उसके कारणों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल रिक्त पदों की संख्या जुटाना नहीं, बल्कि रिक्ति से नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना है। इससे यह पता चल सकेगा कि किसी पद के लिए कार्रवाई कहां तक पहुंची है और आगे की प्रक्रिया के लिए क्या कदम उठाए जाने हैं।
पुलिस मुख्यालय और निदेशालयों की भी जिम्मेदारी तय
बैठक में गृह विभाग के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय और संबंधित निदेशालयों के अधिकारियों को भी नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गृह विभाग के कामकाज में पुलिस प्रशासन और अभियोजन समेत कई महत्वपूर्ण इकाइयों की भूमिका है। ऐसे में विभिन्न स्तरों पर मानवबल की उपलब्धता विभागीय कामकाज की गति और क्षमता से भी जुड़ी हुई है।
रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी आने से विभागीय स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नियुक्तियों की वास्तविक संख्या, पदवार विवरण और भर्ती की समय-सीमा के संबंध में विभाग की ओर से इस बैठक में कोई विस्तृत संख्या जारी नहीं की गई है।
नियुक्ति प्रक्रिया में जवाबदेही पर जोर
शुक्रवार की बैठक का एक अहम संदेश यह रहा कि नियुक्ति प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जवाबदेही और प्रगति दोनों स्पष्ट रखी जाए। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रिपोर्ट तैयार करने के साथ-साथ उसकी नियमित समीक्षा भी की जाए, ताकि लंबित प्रक्रियाओं को समय पर आगे बढ़ाया जा सके।
इस तरह गृह विभाग ने रिक्त पदों को भरने के लिए एक ऐसी कार्यप्रणाली पर जोर दिया है, जिसमें रिक्ति की पहचान, रोस्टर क्लियरेंस, अधियाचना, विज्ञापन और नियुक्ति को एक सतत प्रक्रिया के रूप में मॉनिटर किया जाएगा।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में गृह विभाग के विशेष सचिव अनिल कुमार चौधरी, आईजी (मुख्यालय) मनोज कुमार, निदेशक (अभियोजन) सुधांशु कुमार चौबे, अपर सचिव कुंदन कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी आदित्य कुमार झा सहित गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
गृह विभाग के इस निर्देश के बाद अब संबंधित निदेशालयों से रिक्त पदों और नियुक्ति प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति को समेकित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया के आगे बढ़ने की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।