सारण प्रिंस कुमार गिरि अपहरण का मामला गौरा थाना क्षेत्र के विष्णुपुरा मठिया गांव से सामने आया है। आर्म्स एक्ट के एक मामले में फरार चल रहे 25 वर्षीय प्रिंस कुमार गिरि को अगवा किए जाने का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि युवक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान नेथुआ चिमनी के पास उसके साथ मारपीट की गई और गमछे से गला कसने के बाद उसे जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाने का आरोप है। मामले में उसकी मां मुन्ना देवी ने गांव के मंटू कुमार गिरि, उसके स्वजन और तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद गौरा थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अपहृत युवक की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी जानकारी दी गई है। फिलहाल युवक की बरामदगी को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है।
आर्म्स एक्ट के मामले में फरार चल रहा था युवक
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, प्रिंस कुमार गिरि गौरा थाना कांड संख्या 163/26 के तहत आर्म्स एक्ट के मामले में फरार चल रहा है। इस मामले में पुलिस उसके घर की कुर्की की कार्रवाई भी कर चुकी है। यानी युवक के खिलाफ पहले से आपराधिक मामला दर्ज था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। उसकी मां मुन्ना देवी ने पुलिस को बताया कि बुधवार की सुबह करीब 10 बजे प्रिंस घर आया था। उस समय वह न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की बात कह रहा था।
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, घर आने के बाद प्रिंस ने आत्मसमर्पण की तैयारी की बात कही। इसके बाद वह नेथुआ चिमनी के पास पहुंचा। इसी स्थान पर कथित तौर पर कुछ लोग उसके पास आए और विवाद शुरू हो गया। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के अनुसार, वहां मौजूद लोगों ने पहले गाली-गलौज की और फिर उसके साथ मारपीट की।

गमछे से गला कसने और जबरन बाइक पर ले जाने का आरोप
मुन्ना देवी की शिकायत में कहा गया है कि मंटू कुमार गिरि सहित अन्य लोगों ने प्रिंस के गले में गमछा डालकर उसे जान से मारने की नीयत से खींचा। आरोप है कि इसी दौरान मंटू के परिवार के अन्य सदस्य भी वहां पहुंच गए। इसके बाद सभी ने मिलकर युवक को जबरन बाइक पर बैठाया और अपने साथ लेकर चले गए। मां ने आशंका जताई है कि उनके पुत्र को हत्या की नीयत से अगवा किया गया है।
यह पूरा घटनाक्रम फिलहाल प्राथमिकी में दर्ज शिकायत और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस ने घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू की है। आरोपों की पुष्टि जांच, उपलब्ध साक्ष्य और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद ही हो सकेगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि युवक को किस स्थान पर ले जाया गया है और घटना के पीछे कथित विवाद की वजह क्या थी।
पुलिस की छापेमारी, कुछ लोगों से पूछताछ
गौरा थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई है। पुलिस का प्रयास है कि अपहृत युवक को जल्द बरामद किया जाए और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट की जाए।
इस मामले में दो अलग-अलग कानूनी पहलू सामने हैं। पहला, प्रिंस कुमार गिरि के विरुद्ध पहले से दर्ज आर्म्स एक्ट का मामला, जिसमें वह फरार बताया गया है। दूसरा, उसके कथित अपहरण, मारपीट और गला कसने से जुड़ी नई प्राथमिकी। युवक के खिलाफ पहले से मामला दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि उसके अपहरण की शिकायत की जांच नहीं होगी। दोनों मामलों की जांच अपने-अपने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जानी है।

स्थानीय स्तर पर घटना से चिंता का माहौल है। एक ओर पुलिस पहले से दर्ज कांड में फरार युवक की तलाश कर रही थी, वहीं अब उसके अपहरण की शिकायत पर भी कार्रवाई करनी पड़ रही है। पुलिस की प्राथमिकता युवक की सुरक्षित बरामदगी और शिकायत में नामजद लोगों की भूमिका की जांच करना है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच पर निर्भर करेगी।
