वैशाली/राघोपुर: बाढ़ की मार झेल चुके राघोपुर के रुस्तमपुर पंचायत के वार्ड नंबर 17 और 18 के करीब 200 परिवार पिछले 15 दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। ट्रांसफार्मर जलने के बाद दोनों वार्डों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर बदलने के लिए बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन उन्हें हर बार जल्द बिजली बहाल होने का आश्वासन दिया जा रहा है। दिन बीतते जा रहे हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है।
बाढ़ के बाद पहले ही जनजीवन प्रभावित था और अब बिजली की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। रात होते ही दोनों वार्ड अंधेरे में डूब जाते हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर मोबाइल चार्ज करने और रोजमर्रा के जरूरी काम तक प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या सिर्फ बिजली की नहीं है, बल्कि लगातार अंधेरा रहने से सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
बाढ़ के बाद शुरू हुई परेशानी, अब जले ट्रांसफार्मर ने बढ़ाया संकट
ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक महीने पहले राघोपुर इलाके में बाढ़ का पानी आने के कारण बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। पानी कम होने के बाद बिजली आपूर्ति शुरू की गई, लेकिन करीब 15 दिन पहले रुस्तमपुर पंचायत के वार्ड 17 और 18 का ट्रांसफार्मर जल गया। इसके बाद से दोनों वार्डों की बिजली व्यवस्था ठप है।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर जलने की जानकारी संबंधित विभाग को तत्काल दी गई थी। इसके बावजूद अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विभागीय अधिकारी कभी अगले दिन तो कभी उसके बाद बिजली बहाल होने की बात कहते हैं, लेकिन निर्धारित समय पर काम नहीं हो पा रहा है।
200 घरों पर बिजली संकट का असर
वार्ड सदस्य प्रतिनिधि राकेश कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर 17 और 18 में करीब 200 घरों के बिजली कनेक्शन हैं। पिछले 15 दिनों से दोनों वार्डों की लाइन पूरी तरह बंद है। उनका कहना है कि बिजली विभाग के जेई से लगातार फोन पर संपर्क किया जा रहा है। हर बार जल्द ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन मिलता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
बिजली नहीं रहने का असर ग्रामीणों के जरूरी सरकारी काम पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इनपुट अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में भी परेशानी हो रही है। जिन परिवारों के पास मोबाइल या अन्य साधनों से ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा है, उन्हें भी बिजली और नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अभी तक आवेदन नहीं कर सके हैं।
बच्चों की पढ़ाई से लेकर मोबाइल चार्जिंग तक प्रभावित
लगातार बिजली नहीं रहने के कारण सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। शाम होते ही घरों में अंधेरा छा जाता है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के सामने मोबाइल फोन चार्ज करने तक की समस्या पैदा हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से घरों में रहने वाले लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। गर्मी, मच्छरों और अंधेरे के बीच रात गुजारना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलकर आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
अंधेरे में जंगली जानवरों का डर, रात में घर से निकलना मुश्किल
स्थानीय डॉक्टर मिथिलेश कुमार ने बताया कि बाढ़ के समय से बिजली की समस्या बनी हुई है और ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद अब तक बदला नहीं गया है। उनका कहना है कि अंधेरे के कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के बाद इलाके में कीचड़ और गंदगी के बीच रात के समय जंगली जानवर और जहरीले जीव-जंतु निकलने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने सियार, सांप, बिच्छू और अन्य जीव-जंतुओं के दिखाई देने की बात कही है। ग्रामीणों का दावा है कि सियार के हमले में कुछ लोगों के घायल होने की घटनाएं भी हुई हैं। ऐसे में रात के समय बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर भेजने में लोग डर रहे हैं।
‘बिजली नहीं दे सकते तो कनेक्शन काट दें’, ग्रामीणों में नाराजगी
लगातार बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि जब 15 दिनों से बिजली का उपयोग ही नहीं हो रहा है तो उन्हें बिजली बिल को लेकर भी चिंता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि विभाग जल्द आपूर्ति बहाल नहीं कर सकता तो कम से कम समस्या का स्थायी समाधान बताए, ताकि लोगों पर अनावश्यक बिल का बोझ न पड़े।
ग्रामीणों ने संबंधित एसडीओ से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर ट्रांसफार्मर बदलवाने और बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के बाद पहले से ही आर्थिक और सामाजिक परेशानियां झेल रहे परिवारों के लिए लगातार बिजली संकट अतिरिक्त मुश्किल पैदा कर रहा है।
विभाग की कार्रवाई का इंतजार
रुस्तमपुर के वार्ड 17 और 18 के ग्रामीण अब विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। करीब 200 घरों की बिजली आपूर्ति लंबे समय से बाधित होने के कारण यह मामला सिर्फ बिजली कटौती तक सीमित नहीं रह गया है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं, रात की सुरक्षा और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित बिजली अधिकारी मौके की स्थिति का जायजा लेकर जले हुए ट्रांसफार्मर को जल्द बदलवाएं और दोनों वार्डों में बिजली आपूर्ति बहाल करें। लगातार बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा लंबे समय तक बाधित रहने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
स्थानीय लोगों में डॉक्टर मिथिलेश कुमार, शत्रुघ्न राय, सामू राय, मुकेश राय, बिजेंद्र यादव, आनंद कुमार, सौरभ कुमार, हिमांशु कुमार, गौतम कुमार समेत कई ग्रामीणों ने बिजली विभाग और प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है।