Raghopur Flood: बाढ़ राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता की मांग को लेकर राघोपुर प्रखंड परिसर में स्थानीय युवाओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। युवाओं ने राहत सामग्री के वितरण की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के साथ जीआर सूची को सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शित करने की मांग उठाई है।
यह विरोध राघोपुर के अंचलाधिकारी दीपक कुमार की दोबारा पदस्थापना को लेकर भी है। दीपक कुमार ने 18 सितंबर को राघोपुर अंचलाधिकारी का दोबारा प्रभार संभाला था।
हड़ताल पर बैठे युवाओं का कहना है कि बाढ़ राहत में क्या-क्या सामग्री आई, उसकी कितनी मात्रा थी और अलग-अलग पंचायतों में उसका वितरण किस आधार पर किया गया, इसकी जानकारी आम लोगों के सामने रखी जानी चाहिए। उनकी मांग है कि जीआर की पूरी सूची सार्वजनिक स्थल पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में तैयार और प्रदर्शित की जाए।
राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता की मांग
युवाओं का आरोप है कि इस बार बाढ़ के दौरान राहत व्यवस्था से जुड़ी कई जानकारियों को लेकर स्पष्टता नहीं रही। उनका दावा है कि नाव और कम्युनिटी किचन से जुड़े कुछ संपर्क नंबर सही नहीं थे।
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे सत्यम राणा राय के अनुसार, मेडिकल किट की संख्या करीब 300 थी और उनका आरोप है कि इसका बड़ा हिस्सा एक ही पंचायत में वितरित कर दिया गया, जबकि अन्य पंचायतों में अपेक्षाकृत कम सामग्री पहुंची।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रशासनिक स्तर से अभी नहीं हुई है। वहीं, राघोपुर में हाल की बाढ़ के दौरान राहत व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में राघोपुर की 20 पंचायतों के 75 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए थे।
पहले कच्ची दरगाह में भी किया था प्रदर्शन
सत्यम राणा राय के मुताबिक, युवाओं ने इससे पहले 7 से 9 सितंबर के बीच कच्ची दरगाह में भूख हड़ताल की थी। उनके अनुसार, 9 सितंबर को बीडीओ और सीओ की ओर से आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया था।
युवाओं का दावा है कि उन्हें 14 सितंबर तक राहत सामग्री और जीआर से जुड़ी सूची सार्वजनिक करने का आश्वासन दिया गया था। निर्धारित समय तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दोबारा आंदोलन शुरू करने का फैसला किया।
इसके बाद जिलाधिकारी, एसडीओ और पुलिस को ई-मेल तथा लिखित सूचना देकर 18 सितंबर सुबह 10 बजे से राघोपुर प्रखंड परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की गई।
सीओ की दोबारा पदस्थापना पर भी सवाल
हड़ताल कर रहे युवाओं ने अंचलाधिकारी दीपक कुमार की दोबारा राघोपुर में पदस्थापना पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि दीपक कुमार को कुछ महीने पहले राघोपुर से हटाया गया था और अब उन्हें फिर से इसी अंचल की जिम्मेदारी दी गई है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, दीपक कुमार ने 18 सितंबर को राघोपुर अंचलाधिकारी का दोबारा प्रभार संभाला। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें दैनिक प्रशासनिक कामकाज और जनसमस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी दी गई है।
युवाओं ने उनके खिलाफ पहले लगाए गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की भी जांच और उनकी पदस्थापना पर पुनर्विचार की मांग की है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए प्रशासनिक जांच या आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार है।
पहले सीओ के तबादले का भी जिक्र
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले पदस्थापित सीओ राजीव रंजन चौधरी ने उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उनका तबादला कर दिया गया। इसके बाद दीपक कुमार को दोबारा राघोपुर की जिम्मेदारी दिए जाने से युवाओं में नाराजगी बढ़ी।
हड़ताल में रामपुर, बहरामपुर समेत विभिन्न पंचायतों के युवा और स्थानीय लोग शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, फिलहाल प्रशासन की ओर से उन पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया है और पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करा रही है।
प्रशासन के सामने युवाओं की प्रमुख मांगें
| मांग | प्रदर्शनकारियों की मांग |
|---|---|
| राहत सामग्री | बाढ़ में प्राप्त और वितरित सामग्री का पूरा ब्योरा सार्वजनिक हो |
| जीआर सूची | सूची सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शित की जाए |
| पारदर्शिता | जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सूची तैयार करने की मांग |
| वितरण | पंचायतवार राहत सामग्री की जानकारी सार्वजनिक हो |
| सीओ की पदस्थापना | दीपक कुमार को राघोपुर से हटाने की मांग |
| पुराने आरोप | पहले लगाए गए आरोपों की जांच की मांग |
फिलहाल युवाओं का आंदोलन जारी है। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे क्या बातचीत होती है और राहत सामग्री की सूची को लेकर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर लोगों की नजर है।