मुंगेर/Jamalpur News:: भारतीय रेल में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और आधुनिक रेल तकनीक को मजबूत करने की दिशा में जमालपुर भी अहम भूमिका निभाने जा रहा है। भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (IRIMEE), जमालपुर ने IIT खड़गपुर के साथ पांच वर्ष का रणनीतिक समझौता किया है।
इसके तहत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को आधुनिक और हाईस्पीड ट्रेनों की तकनीक, सुरक्षा और रखरखाव से जुड़े विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य रेलवे की 160 किलोमीटर प्रति घंटे और उससे अधिक गति वाली ट्रेनों के संचालन एवं रखरखाव के लिए तकनीकी रूप से सक्षम अधिकारियों को तैयार करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वंदे भारत समेत आधुनिक ट्रेनसेट, विद्युत सुरक्षा, ट्रैक्शन सिस्टम और उन्नत रखरखाव तकनीकों को शामिल किया जाएगा।
IRIMEE के महानिदेशक अनिमेष सिन्हा के अनुसार, प्रशिक्षण का मकसद रेलवे इंजीनियरों को आधुनिक ट्रेनों के संचालन और मेंटेनेंस के लिए जरूरी तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव देना है।
स्पीड अपग्रेड योजना के साथ रेलवे में तकनीक बदल रही है, ऐसे में तकनीकी कर्मचारियों और अधिकारियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।
नवंबर में शुरू होगा पहला प्रशिक्षण बैच
IIT खड़गपुर परिसर में अधिकारियों के लिए दो सप्ताह का आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पहला बैच 16 से 27 नवंबर 2026 तक चलेगा।
इस बैच में रेलवे के अलग-अलग जोन से चयनित 40 वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। अधिकारियों का चयन रेलवे बोर्ड की ओर से किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को इन प्रमुख विषयों पर जानकारी दी जाएगी:
- वंदे भारत और आधुनिक ट्रेनसेट
- विद्युत सुरक्षा
- ट्रैक्शन सिस्टम
- उन्नत डायग्नोस्टिक्स
- प्रिवेंटिव मेंटेनेंस
- रेल विद्युतीकरण
- कोच एसेट मैनेजमेंट
- आधुनिक ट्रेनों के संचालन और रखरखाव की तकनीक
IIT की तकनीकी विशेषज्ञता और IRIMEE का रेल अनुभव साथ आएगा
IRIMEE और IIT खड़गपुर की साझेदारी का उद्देश्य केवल अधिकारियों को प्रशिक्षण देना ही नहीं है। दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता को जोड़कर रेलवे के तकनीकी मानव संसाधन को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की योजना है।
IIT खड़गपुर की अकादमिक और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ IRIMEE के लंबे रेल प्रशिक्षण अनुभव का इस्तेमाल प्रशिक्षण कार्यक्रम में किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अधिकारी अपने-अपने रेलवे जोन में लौटकर सीखी गई तकनीकों को रखरखाव और संचालन व्यवस्था में लागू कर सकेंगे।
इससे रेलवे में आधुनिक ट्रेनों की तकनीकी विश्वसनीयता, रखरखाव क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पहले IIT पटना के साथ हुआ था पायलट प्रशिक्षण
IRIMEE के डीन एवं वरिष्ठ प्रोफेसर प्रेम प्रकाश के अनुसार, इससे पहले IIT पटना के साथ पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें रेलवे बोर्ड ने देश के 16 जोन से 25 प्रशिक्षुओं को नामित किया था।
पायलट कार्यक्रम से मिली प्रतिक्रिया के बाद अब प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने की तैयारी की गई है। नियमित बैच में अधिकारियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 40 तक करने की व्यवस्था की जा सकती है।
सितंबर में मिली औपचारिक मंजूरी
IRIMEE और IIT खड़गपुर के बीच इस साझेदारी को लेकर 14 सितंबर को औपचारिक मंजूरी दी गई। इससे पहले 8 सितंबर को IIT खड़गपुर परिसर में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे।
IRIMEE के डीन एवं वरिष्ठ प्रोफेसर प्रेम प्रकाश और IIT खड़गपुर के डीन ऑफ आउटरीच प्रो. स्वागत दासगुप्ता ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बाद में IRIMEE के महानिदेशक अनिमेष सिन्हा और IIT खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती की ओर से इसे औपचारिक स्वीकृति दी गई।
इस समझौते के जरिए जमालपुर स्थित IRIMEE आधुनिक और हाईस्पीड रेल तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण में अपनी भूमिका को और विस्तार देगा।