गयाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा पितृपक्ष मेला, विष्णुपद और प्रेतशिला समेत भीड़ वाले इलाकों में खुलेंगे अस्थायी थाने
गया: गयाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला को लेकर जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पिंडदानियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस मुख्यालय पटना से करीब 5 हजार महिला-पुरुष पुलिस बल की मांग की गई है।
इसके साथ ही करीब 600 पुलिस पदाधिकारियों की भी तैनाती के लिए मांग भेजी गई है।
पुलिस मुख्यालय को भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मेले के लिए गया जिले को वास्तविक रूप से कितने पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त बल के रहने और उनकी तैनाती को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संभावित रूप से आने वाले करीब पांच हजार पुलिसकर्मियों के ठहरने के लिए धर्मशालाओं, विद्यालयों और अन्य भवनों को चिन्हित किया गया है।
महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों के लिए अलग-अलग आवास की व्यवस्था की जाएगी। इन स्थानों पर शौचालय, बेड, पीने का पानी, रोशनी समेत जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
600 पुलिस पदाधिकारियों की भी मांगी गई तैनाती
नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव ने बताया कि पितृपक्ष मेला धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पिंडदानियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सिर्फ जवानों की तैनाती ही पर्याप्त नहीं होगी। इसी वजह से करीब 600 पुलिस पदाधिकारियों की मांग भी की गई है।
इनमें सब इंस्पेक्टर और उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी शामिल होंगे। सर्किल इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और करीब 10 डीएसपी रैंक के पदाधिकारियों की भी मांग की गई है। उपलब्ध पुलिस बल और अधिकारियों को अलग-अलग जोन में बांटकर सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
विष्णुपद और प्रेतशिला में अस्थायी थाने
पितृपक्ष मेले के दौरान विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। विष्णुपद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी तैयार किया जा रहा है।
कंट्रोल रूम से मंदिर के अंदर और बाहर की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था होगी। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए विष्णुपद मंदिर के बाहर अस्थायी थाना खोला जाएगा।
इसके अलावा प्रेतशिला, बोधगया और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों के आसपास भी अस्थायी थाने खोले जाने की तैयारी है। जिन स्थानों पर पिंडवेदी स्थित हैं, वहां पुलिस सहायता शिविर बनाए जाएंगे और इन शिविरों में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
डायल 112 और बाइक से होगी गश्त
मेले के दौरान शहर और आसपास के थाना क्षेत्रों में उपलब्ध डायल 112 वाहनों, मोटरसाइकिलों और पुलिस दीदी स्कूटी का भी इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था में किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त मगध रेंज और पुलिस मुख्यालय से मोटरसाइकिल गश्ती दल, पुलिस दीदी टीम और बड़े वाहनों की भी मांग की गई है। संकरी गलियों और भीड़ वाले क्षेत्रों में छोटे वाहनों से गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की योजना है।
सादे कपड़ों में महिला-पुरुष पुलिसकर्मी भी रहेंगे तैनात
पितृपक्ष मेला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच उचक्कों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।
पुलिस प्रशासन जिला पुलिस के साथ-साथ रेल पुलिस से भी समन्वय स्थापित करेगा, ताकि रेलवे स्टेशन से लेकर मेला क्षेत्र और प्रमुख पिंडवेदी तक सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रहे।
पुलिस प्रशासन का लक्ष्य मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, गश्त, निगरानी और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत रखते हुए पितृपक्ष मेला को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।