पटना। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार को बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत-बचाव व्यवस्था और राघोपुर नाव हादसे के पीड़ित परिवारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवजा देने, पुल टूटने की घटनाओं की जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा, रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दिलाया।
राघोपुर हादसे के पीड़ितों के लिए अधिक मुआवजे की मांग
वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में गंगा नदी में नाव पलटने की घटना के बाद कई लोगों की जान चली गई। हादसे में बच्चों की भी मौत हुई, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। पप्पू यादव ने पीड़ित परिवारों के लिए इससे अधिक, 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई।
उन्होंने बाढ़ और आपदा के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राहत-बचाव कार्यों में लापरवाही रोकने पर जोर दिया। उनका कहना है कि प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचनी चाहिए और हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मदद मिलनी चाहिए।
पुल टूटने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
पप्पू यादव ने बिहार में पुल टूटने की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

उनके ज्ञापन में प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा प्रमुख रहा। मांग है कि पुलों से जुड़ी घटनाओं की जांच के जरिए जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई हो सके। हालांकि, ज्ञापन में उठाई गई मांगों के आधार पर किसी अधिकारी को दोषी नहीं माना जा सकता; इसके लिए जांच और प्रमाण जरूरी हैं।
कुशल युवा केंद्रों से लेकर बेल्ट्रॉन अभ्यर्थियों तक के मुद्दे
सांसद ने राज्यपाल के सामने शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई सवाल भी रखे। इनमें कुशल युवा कार्यक्रम (केवाईपी) के केंद्रों के बंद होने का मुद्दा शामिल है। उन्होंने इस समस्या पर ध्यान देने की जरूरत बताई, क्योंकि कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की उपलब्धता युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार की तैयारी से जुड़ी है।
इसके अलावा बेल्ट्रॉन अभ्यर्थियों के आंदोलन और नियुक्ति से संबंधित सवाल भी ज्ञापन में शामिल रहे। पप्पू यादव ने इन अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान की जरूरत उठाई। उन्होंने नए डिग्री कॉलेजों में अलग-अलग विषयों की पढ़ाई की व्यवस्था का मुद्दा भी रखा, ताकि उच्च शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों को विषयों के चयन में पर्याप्त अवसर मिल सकें।
बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने पर जोर
पप्पू यादव ने बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी राज्यपाल के सामने रखी। इस मांग का संबंध राज्य के स्थानीय अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों और अवसरों में प्राथमिकता देने से है। उन्होंने युवाओं के रोजगार से जुड़े सवालों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने की जरूरत बताई।

इस तरह ज्ञापन में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा से लेकर बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कौशल विकास और सरकारी नियुक्तियों तक के मुद्दे शामिल रहे। फिलहाल राज्यपाल की ओर से इन मांगों पर किसी निर्णय या कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।
