पटना। बिहार विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के आगामी चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी जिला स्तर पर नेताओं के बीच तालमेल मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम 15 से 17 अक्टूबर तक तीन दिवसीय दौरे पर दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर जाएंगे। इस दौरान 17 जिलों के पीसीसी प्रभारियों, जिला कांग्रेस अध्यक्षों और प्रमुख कांग्रेस नेताओं के साथ बैठकें होंगी।
इन बैठकों में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के साथ संगठनात्मक समन्वय और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। पार्टी का जोर अलग-अलग जिलों के नेताओं को एक साथ बैठाकर चुनाव से जुड़ी तैयारियों को व्यवस्थित करने पर रहेगा।
दरभंगा से शुरू होगा बैठकों का सिलसिला
दौरे के पहले दिन, 15 अक्टूबर को दरभंगा जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक होगी। इसमें दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के पीसीसी प्रभारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और प्रमुख कांग्रेसजन शामिल होंगे।
बैठक में शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की तैयारियों, संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच तालमेल और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। मिथिलांचल और आसपास के जिलों में पार्टी की तैयारी को लेकर स्थानीय नेतृत्व की भूमिका भी अहम रहेगी।

पूर्णिया में सात जिलों के नेताओं से होगा संवाद
16 अक्टूबर को पूर्णिया जिला कांग्रेस कार्यालय में दूसरी बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिलों के पार्टी पदाधिकारी शामिल होंगे।
इस बैठक में चुनावी तैयारियों की स्थिति पर चर्चा के साथ जिलों के बीच समन्वय और आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। सात जिलों के नेताओं की भागीदारी से सीमांचल और कोसी क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक तैयारी की समीक्षा की जाएगी।
भागलपुर में अंतिम बैठक, छह जिलों के नेता होंगे शामिल
तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन, 17 अक्टूबर को भागलपुर जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक होगी। इसमें भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई और खगड़िया जिलों के पीसीसी प्रभारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और प्रमुख कांग्रेसजन शामिल होंगे।
इस बैठक में भी शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी।

चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने पर जोर
विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में मतदाताओं तक पहुंच बनाने के साथ जिला स्तर पर प्रभावी समन्वय भी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण है। कांग्रेस का यह दौरा इसी तैयारी का हिस्सा है। तीन दिनों में 17 जिलों के नेताओं के साथ बैठक कर प्रदेश नेतृत्व चुनावी तैयारियों की समीक्षा और संगठन को सक्रिय करने पर ध्यान देगा।
हालांकि, इन बैठकों के एजेंडे में चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारी प्रमुख हैं। उम्मीदवारों के चयन या किसी नए चुनावी गठबंधन से जुड़े फैसले की घोषणा इस कार्यक्रम के विवरण में नहीं की गई है।
