बक्सर: नावानगर JNV में NCC का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 28 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गया है। 30 बिहार बटालियन एनसीसी, बक्सर के तत्वावधान में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), नावानगर में आयोजित यह दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 6 नवंबर तक चलेगा। शिविर में बक्सर जिले के अलग-अलग विद्यालयों और महाविद्यालयों से आए एनसीसी कैडेट्स हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन प्रशिक्षण की शुरुआत ड्रिल, टेंट पिचिंग और शारीरिक प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों से हुई।
इस शिविर का उद्देश्य कैडेट्स को बी और सी प्रमाणपत्र परीक्षाओं के लिए जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स में अनुशासन, समयबद्धता, आत्मविश्वास, शारीरिक दक्षता, टीम भावना और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। एनसीसी के माध्यम से युवाओं को जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनने के लिए तैयार करने की दिशा में ऐसे शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
नावानगर JNV में NCC शिविर की शुरुआत अनुशासन के संदेश के साथ
शिविर का प्रारंभिक संबोधन 30 बिहार बटालियन एनसीसी, बक्सर के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हेमंत बेलवाल के पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने कैडेट्स को एनसीसी प्रशिक्षण के महत्व के बारे में बताया और शिविर की सभी गतिविधियों में अनुशासन तथा सकारात्मक सोच के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने समय का पालन, सामूहिक जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बताया।
अधिकारियों के अनुसार, शिविर के दौरान कैडेट्स को केवल शारीरिक गतिविधियों तक सीमित प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करने, समूह के साथ जिम्मेदारी निभाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी तैयार किया जाएगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य कैडेट्स में निर्णय लेने और नेतृत्व करने की क्षमता को व्यवहारिक स्तर पर विकसित करना है।

पहले दिन ड्रिल और टेंट पिचिंग पर रहा फोकस
शिविर का संचालन सूबेदार मेजर (SM) भास्कर तथा अन्य सैन्य प्रशिक्षकों और सहयोगी कर्मचारियों की देखरेख में किया जा रहा है। पहले दिन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कैडेट्स को ड्रिल और टेंट पिचिंग का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही शारीरिक प्रशिक्षण और सामूहिक गतिविधियों की भी शुरुआत की गई।
ड्रिल के जरिए कैडेट्स में अनुशासन, एकरूपता और आदेश का पालन करने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जाता है। वहीं टेंट पिचिंग जैसे प्रशिक्षण से उन्हें सीमित संसाधनों में व्यवस्थित तरीके से काम करने और सामूहिक प्रयास के महत्व को समझने का अवसर मिलता है। शिविर के अगले दिनों में भी अलग-अलग प्रशिक्षण गतिविधियों के जरिए कैडेट्स के सैन्य ज्ञान और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
विभिन्न शिक्षण संस्थानों के NCC अधिकारी और प्रशिक्षक मौजूद
वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े एनसीसी अधिकारी और प्रशिक्षक भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इनमें लेफ्टिनेंट (डॉ.) अमृता सिंह, एस.एम. कॉलेज, डुमराँव; लेफ्टिनेंट (डॉ.) राम तीरथ, सिमरी; लेफ्टिनेंट (डॉ.) मझरूल हक अंसारी, वी.के.एस. कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, डुमराँव; एफ/ओ संजय सिन्हा, राज स्कूल, डुमराँव तथा एस/ओ अनिल पांडेय शामिल हैं। ये अधिकारी और प्रशिक्षक कैडेट्स को प्रशिक्षण देने, उनका मार्गदर्शन करने और शिविर में अनुशासित सहभागिता सुनिश्चित करने में सहयोग कर रहे हैं।
प्रमाणपत्र से आगे व्यक्तित्व विकास पर जोर
शिविर में शामिल कैडेट्स को आगामी दिनों में सैन्य प्रशिक्षण के साथ व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। दस दिनों तक चलने वाला यह प्रशिक्षण युवाओं में नेतृत्व, एकता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय एकीकरण की भावना मजबूत करने का माध्यम बनेगा।

एनसीसी की भूमिका केवल प्रमाणपत्र परीक्षाओं की तैयारी तक सीमित नहीं है। प्रशिक्षण का व्यापक उद्देश्य युवाओं को अनुशासित, आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में तैयार करना है। नावानगर में शुरू हुआ यह वार्षिक शिविर इसी सोच के साथ कैडेट्स को प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एकता और अनुशासन — एनसीसी की पहचान, राष्ट्र सेवा — हमारा अभिमान। जय हिंद!
