जलनिकासी बाधित होने से खेतों में जलजमाव की स्थिति, किसानों की बढ़ी चिंता; मंगलवार को सीओ और थानाध्यक्ष से मिलकर समस्या के समाधान की मांग करेंगे किसान
सिमरी (Buxar): मंझवारी पंचायत के रामपुर मठिया के समीप भैसही नदी का जलप्रवाह बाधित होने का मामला अब किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। नदी में कथित तौर पर मछली पकड़ने के लिए प्लास्टिक के तिरपाल और चिलमन लगाकर पानी का बहाव रोकने से आसपास के खेतों में जलनिकासी प्रभावित होने की बात सामने आई है।
इससे कृषि भूमि में जलजमाव की स्थिति बनने लगी है और किसानों को आशंका है कि यदि जल्द नदी का जलप्रवाह सामान्य नहीं हुआ तो हजारों एकड़ खेतों में खेती प्रभावित हो सकती है।
किसानों का कहना है कि नदी का प्राकृतिक बहाव बाधित होने के कारण खेतों से पानी की निकासी ठीक तरीके से नहीं हो पा रही है। खेती के लिए समय पर खेतों से अतिरिक्त पानी निकलना बेहद जरूरी होता है। यदि जलजमाव लंबे समय तक बना रहता है तो फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ अगली कृषि गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।

मछली पकड़ने के लिए नदी का बहाव रोकने का आरोप
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, भैसही नदी में प्लास्टिक के तिरपाल और चिलमन लगाकर जलप्रवाह को रोका गया है। किसानों का आरोप है कि यह व्यवस्था मछली पकड़ने के उद्देश्य से की गई, लेकिन इसका सीधा असर नदी से जुड़े खेतों की जलनिकासी व्यवस्था पर पड़ रहा है।
नदी का पानी सामान्य रूप से बहने के बजाय अवरोध के कारण प्रभावित हो रहा है। इसके चलते आसपास के कृषि क्षेत्रों में पानी जमा होने की स्थिति बनी हुई है। किसानों को डर है कि अगर यह स्थिति ज्यादा समय तक रही तो खेतों में खड़ी फसलों और कृषि कार्यों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
हजारों एकड़ कृषि भूमि पर मंडरा रहा संकट
भैसही नदी के जलप्रवाह में रुकावट को लेकर किसानों की सबसे बड़ी चिंता हजारों एकड़ कृषि भूमि को लेकर है। क्षेत्र के किसान खेती पर निर्भर हैं और खेतों में जलनिकासी बाधित होने का सीधा असर उनकी आजीविका पर पड़ सकता है।
किसानों के अनुसार, खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से मिट्टी की स्थिति प्रभावित हो सकती है और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा यदि खेत समय पर सूख नहीं पाए तो आगामी कृषि कार्यों की तैयारी में भी परेशानी हो सकती है।

ऐसे में किसान चाहते हैं कि नदी में लगाए गए अवरोध को हटाकर प्राकृतिक जलप्रवाह और जलनिकासी व्यवस्था को जल्द बहाल किया जाए।
प्रशासनिक निर्देश के बाद भी नहीं बहाल हुआ जलप्रवाह
मामले को लेकर प्रशासन की ओर से जलप्रवाह बहाल करने का निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, किसानों का कहना है कि निर्देश के बावजूद नदी का बहाव पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो खेतों में जलजमाव और बढ़ सकता है। यही वजह है कि अब किसान प्रशासन के अधिकारियों से सीधे मिलकर अपनी समस्या रखने की तैयारी में हैं।
सोमवार को अंचल कार्यालय पहुंचे दर्जनों किसान
समस्या के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को दर्जनों किसान अंचल कार्यालय पहुंचे। किसानों की कोशिश थी कि वे अंचलाधिकारी के सामने नदी में बने अवरोध और उससे उत्पन्न जलनिकासी की समस्या को रखें।

हालांकि, किसानों की अंचलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद किसानों ने मंगलवार को दोबारा अधिकारियों से मिलने का निर्णय लिया है।
मंगलवार को सीओ और थानाध्यक्ष से मिलेंगे किसान
किसानों ने अब तय किया है कि मंगलवार को अंचलाधिकारी (सीओ) और थानाध्यक्ष से मिलकर भैसही नदी के जलप्रवाह को तत्काल बहाल कराने की मांग की जाएगी। किसानों की कोशिश है कि प्रशासन मौके की स्थिति का निरीक्षण करे और नदी में लगाए गए अवरोध को हटवाकर जलनिकासी व्यवस्था को सामान्य कराए।
किसानों का कहना है कि मामला केवल नदी के पानी के बहाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध कृषि भूमि और किसानों की आजीविका से है। इसलिए प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहिए।
किसानों को समाधान का इंतजार
भैसही नदी में जलप्रवाह बाधित होने का मामला अब स्थानीय स्तर पर गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। एक तरफ किसान खेतों में जलजमाव को लेकर चिंतित हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर समस्या के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

यदि नदी का प्राकृतिक बहाव जल्द बहाल कर दिया जाता है तो किसानों को राहत मिल सकती है। लेकिन यदि अवरोध लंबे समय तक बना रहा तो कृषि भूमि पर जलजमाव बढ़ने और खेती प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा।
फिलहाल किसानों की नजर मंगलवार को होने वाली अधिकारियों से मुलाकात पर टिकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और भैसही नदी के जलप्रवाह को कब तक सामान्य कराया जाता है।
