ब्रह्मभोज में हलवाई के सहायक के रूप में कर रहा था काम, इलाज में छह लाख रुपये से अधिक खर्च होने का परिजनों ने किया दावा
Nalanda news। नूरसराय थाना क्षेत्र के दरुआरा बेलदारी पर गांव निवासी 30 वर्षीय कामो चौहान की खौलते तेल से झुलसने के बाद आठ दिनों तक चले इलाज के दौरान सोमवार की सुबह मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ब्रह्मभोज में हलवाई के सहायक के रूप में काम करने के दौरान मजदूरी मांगने पर उसे खौलते तेल की कड़ाही में धकेल दिया गया था।
मृतक की पहचान बाल गोविंद चौहान के पुत्र कामो चौहान के रूप में की गई है। घटना चार अक्टूबर की रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, वह कोंदी गांव में आयोजित ब्रह्मभोज में हलवाई के सहायक के तौर पर काम कर रहा था। इसी दौरान मजदूरी को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि कोंदी गांव निवासी दिलीप और राजा, जो रिश्ते में चाचा-भतीजा बताए जाते हैं, ने उसे खौलते तेल में धकेल दिया। इस घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गया।
घटना के बाद उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पावापुरी रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उसे पटना ले गए। वहां से रिम्स और फिर निजी अस्पतालों में इलाज कराया गया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई।

मृतक के बड़े भाई सुबे चौहान के अनुसार, इलाज में छह लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके थे। कामो अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गया है। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस संबंध में नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
