छपरा में विशेष पोक्सो न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी जहांगीर आलम को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पोक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत दोषी को यह सजा दी। इसके साथ ही कुल 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
दोनों धाराओं की सजा साथ-साथ चलेगी
विशेष पोक्सो न्यायालय की न्यायाधीश स्मिता राज ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। दोषी अवतार नगर थाना क्षेत्र के मठिया कमालपुर गांव का निवासी है। अदालत के आदेश के अनुसार जुर्माना नहीं देने पर प्रत्येक धारा में छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मामला अवतार नगर थाना कांड संख्या 296/24 से जुड़ा है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाहों की गवाही कराई गई।
अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से पैरवी
मामले में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा और सहायक अधिवक्ता अश्वनी कुमार ने पक्ष रखा। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजय प्रकाश सिंह ने पैरवी की। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने सजा सुनाई।

मेला दिखाने का प्रलोभन देने का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग की मां ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनका बेटा अपने फूफा के यहां गया था और घर के दरवाजे पर खेल रहा था। आरोप के मुताबिक इसी दौरान आरोपी उसे मेला दिखाने का प्रलोभन देकर अपने साथ घर ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
घटना के बाद बच्चा किसी तरह घर पहुंचा और स्वजन को पूरी बात बताई। इसके बाद उसकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच हुई और बाद में सुनवाई विशेष पोक्सो न्यायालय में चली।
पीड़ित को आर्थिक सहायता का भी आदेश
अदालत ने दोषी को सजा सुनाने के साथ पीड़ित को जिला विधिक प्राधिकार के माध्यम से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का भी आदेश दिया है। मामले में अदालत के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष को कानूनी राहत के साथ आर्थिक सहायता का प्रावधान भी किया गया है।
यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनाया गया है।

