सारण के जलालपुर में सिर कटी लाश मिलने के मामले ने चार दिन बाद नया मोड़ ले लिया है। मकनपुर चंवर में 24 अक्टूबर को मिली नग्न सिरकटी लाश के पास 28 अक्टूबर को एक अधजला नरमुंड और चप्पल बरामद हुई। स्वजन ने नरमुंड और चप्पल के आधार पर शव की पहचान बनियापुर के भूमिहरा गांव निवासी 52 वर्षीय ब्रह्मा सिंह के रूप में करने का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने अभी इस पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
चार दिन बाद उसी जगह मिला नरमुंड
पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर को जब मकनपुर चंवर में शव बरामद हुआ था, तब उसके पास सिर और चप्पल नहीं मिले थे। चार दिन बाद उसी स्थान पर अधजला नरमुंड मिलने से जांच की दिशा और जटिल हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नरमुंड कहीं दूसरी जगह से लाकर रखा गया या किसी जंगली जानवर के जरिए वहां पहुंचा।
पैंट की तस्वीर से स्वजन तक पहुंची जानकारी
शव की पहचान के प्रयास में पुलिस ने घटनास्थल से मिले काले रंग के पैंट की तस्वीर सारण जिला पुलिस के फेसबुक पेज पर साझा की थी। तस्वीर देखकर 21 अक्टूबर से लापता ब्रह्मा सिंह के स्वजन 27 अक्टूबर को जलालपुर थाने पहुंचे। उन्होंने ब्रह्मा सिंह के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी।
इसके बाद स्वजन को घटनास्थल पर ले जाया गया, जहां उन्हें नरमुंड और चप्पल मिला। इन्हें देखकर उन्होंने दावा किया कि शव ब्रह्मा सिंह का हो सकता है। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

पुलिस ने पहचान की पुष्टि नहीं की
सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वितीय प्रेमचंद सिंह ने बताया कि शव मिलने के समय वहां सिर और चप्पल मौजूद नहीं थे। चार दिन बाद नरमुंड मिलने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस नरमुंड और पहले मिले सिरकटी शव के बीच संबंध को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
डीएनए जांच से होगी पहचान की पुष्टि
पुलिस के अनुसार, शव को सदर अस्पताल में सुरक्षित रखा गया है। अब नरमुंड, शव और ब्रह्मा सिंह के रूप में पहचान का दावा करने वाले स्वजन के नमूनों का डीएनए मिलान कराया जाएगा। डीएनए रिपोर्ट से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि बरामद नरमुंड और शव वास्तव में किस व्यक्ति के हैं।
हत्या की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती
बताया गया है कि ब्रह्मा सिंह तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का काम करते थे। हालांकि इस जानकारी के आधार पर घटना के कारण को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पुलिस स्वजन से पूछताछ कर रही है और नरमुंड की बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि शव मिलने के चार दिन बाद उसी जगह नरमुंड कैसे पहुंचा। डीएनए रिपोर्ट और पुलिस जांच के आगे बढ़ने के बाद ही मृतक की पहचान और पूरी घटना की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

