Dinman Times
  • ट्रेंडिंग
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Reading: कक्षा में बैठकर डीएम ने परखी पढ़ाई की हकीकत, बोले—गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही बनेगा बच्चों का उज्ज्वल भविष्य
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - कक्षा में बैठकर डीएम ने परखी पढ़ाई की हकीकत, बोले—गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही बनेगा बच्चों का उज्ज्वल भविष्य

कक्षा में बैठकर डीएम ने परखी पढ़ाई की हकीकत, बोले—गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही बनेगा बच्चों का उज्ज्वल भविष्य

प्रशांत कुमार
Last updated: सितम्बर 9, 2026 10:27 अपराह्न
By : प्रशांत कुमार
Published on : 2 दिन पहले
मुजफ्फरपुर में डीएम कुमार गौरव का स्कूल निरीक्षण
मुजफ्फरपुर में स्कूल निरीक्षण के दौरान कक्षा में पढ़ाई की स्थिति देखते जिलाधिकारी।
साझा करें

मुजफ्फरपुर के मॉडल स्कूल और जिला स्कूल में कुमार गौरव का निरीक्षण; विद्यार्थियों की मेधा से प्रभावित हुए डीएम, शिक्षकों से लेकर भवन और संसाधनों तक की ली जानकारी

मुजफ्फरपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन अब व्यवस्था को सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि कक्षा के भीतर जाकर परखने की कोशिश कर रहा है।

जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बुधवार को सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) और राजकीय जिला स्कूल का निरीक्षण कर न केवल पठन-पाठन की स्थिति देखी, बल्कि विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर यह समझने की कोशिश की कि उन्हें पढ़ाई के दौरान वास्तविक रूप से किन सुविधाओं और संसाधनों की जरूरत है।

मुजफ्फरपुर में डीएम कुमार गौरव का स्कूल निरीक्षण
डीएम कुमार गौरव ने मॉडल स्कूल और राजकीय जिला स्कूल का निरीक्षण किया।

डीएम ने कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। विद्यार्थियों से भौतिकी, जीव विज्ञान और गणित सहित विभिन्न विषयों पर सवाल किए। बच्चों के जवाबों से संतुष्ट जिलाधिकारी ने उनकी मेधा, मेहनत और सीखने की क्षमता की सराहना की।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र प्रतिबद्ध है।

सिर्फ निरीक्षण नहीं, बच्चों से सीधा संवाद

जिलाधिकारी के निरीक्षण की खास बात यह रही कि उन्होंने केवल अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर स्थिति का आकलन नहीं किया। वे सीधे कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की।

ये भी पढ़े

दानापुर मंडल में चला मेगा टिकट जांच अभियान
मलेशिया के जंगल में फंसे किशनगंज-पूर्णिया के कई युवा, परिजनों ने सरकार से लगाई सुरक्षित वापसी की गुहार
धर्म और विज्ञान अलग नहीं: राजीव शुक्ला
औरंगाबाद में CSP संचालक से डेढ़ लाख की लूट, ग्रामीणों ने पीछा कर दो बदमाशों को दबोचा
मुजफ्फरपुर डीएम का स्कूल निरीक्षण
मुजफ्फरपुर डीएम का स्कूल निरीक्षण

कक्षा 9 में भौतिकी तथा कक्षा 10 के अलग-अलग सेक्शन में जीव विज्ञान और गणित की चल रही पढ़ाई को उन्होंने देखा। विद्यार्थियों से विषय आधारित प्रश्न पूछे गए, जिनका बच्चों ने सही जवाब दिया।

डीएम ने कहा कि विद्यार्थियों में सीखने की क्षमता और उनकी मेहनत उत्साहजनक है। बदलती दुनिया और नई प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बच्चों के लर्निंग आउटकम को बेहतर बनाना जरूरी है।

17 मॉडल स्कूलों पर प्रशासन की नजर

राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के तहत ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ की दिशा में मुजफ्फरपुर जिले में 17 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों की निगरानी और समन्वय के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

मुजफ्फरपुर में डीएम ने कक्षा में बैठकर परखी पढ़ाई की हकीकत
मुजफ्फरपुर में डीएम ने कक्षा में बैठकर परखी पढ़ाई की हकीकत

जिलाधिकारी ने स्वयं राजकीय जिला स्कूल स्थित मॉडल स्कूल को गोद लिया है। ऐसे में उनका निरीक्षण केवल औपचारिक दौरा नहीं बल्कि स्कूल की वास्तविक स्थिति और विद्यार्थियों की प्रगति को सीधे समझने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

बच्चों ने बताई जरूरतें, डीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश

विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ संवाद के दौरान कई व्यावहारिक जरूरतें भी सामने आईं। इनमें इंटरैक्टिव पैनल बोर्ड, शिक्षकों की पदस्थापना तथा विद्यालय भवन की नियमित मरम्मत प्रमुख हैं।

कक्षा में बैठे डीएम, बच्चों से पूछे पढ़ाई के सवाल
कक्षा में बैठे डीएम, बच्चों से पूछे पढ़ाई के सवाल

जिलाधिकारी ने इन समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने तथा बीएसईआईडीसी के अभियंताओं को विद्यालय भवनों के नियमित अनुरक्षण एवं मरम्मत के साथ जरूरत के अनुरूप संरचनात्मक कार्य कराने का निर्देश दिया गया।

यह पहल महत्वपूर्ण है क्योंकि स्मार्ट क्लास और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था की बात तभी प्रभावी होगी जब स्कूल में पर्याप्त शिक्षक, सुरक्षित भवन और जरूरी तकनीकी संसाधन भी उपलब्ध हों।

टेस्ट और पीटीएम से होगी बच्चों की लगातार निगरानी

डीएम ने विद्यार्थियों की प्रगति को केवल वार्षिक परीक्षा के आधार पर देखने के बजाय नियमित मूल्यांकन पर जोर दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी को समय-समय पर टेस्ट आयोजित करने और विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन करने का निर्देश दिया गया।

अभिभावक-शिक्षक बैठक को भी महज औपचारिकता नहीं बनाने पर जोर दिया गया। पीटीएम में बच्चों की पढ़ाई और प्रगति को लेकर माता-पिता से सार्थक चर्चा करने की बात कही गई, ताकि शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन—तीनों को बच्चे की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की असली कसौटी क्या होगी?

मुजफ्फरपुर में प्रशासन की यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल भवन, स्मार्ट क्लास या नए उपकरण उपलब्ध कराने से नहीं आता। इसका अंतिम परिणाम बच्चों की समझ, सीखने की क्षमता और परीक्षा से आगे उनके ज्ञान में दिखाई देता है।

डीएम का कक्षा में बैठकर बच्चों से सवाल करना इसी दिशा में एक संकेत है। अब चुनौती यह होगी कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और बच्चों के प्रदर्शन में उसका कितना असर दिखाई देता है।

यदि नियमित टेस्ट, शिक्षक उपलब्धता, अभिभावक संवाद और आधारभूत सुविधाओं की निगरानी लगातार होती रही, तो मॉडल स्कूलों की व्यवस्था को एक बेहतर सरकारी शिक्षा मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है।

शिक्षा भवन में शुरू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम

मॉडल स्कूल के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय स्थित शिक्षा भवन का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम का उद्घाटन किया।

इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को शैक्षणिक शिकायतों के निवारण के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर सुविधा उपलब्ध कराना है। डीएम ने इसके प्रभावी संचालन का निर्देश दिया।

शिक्षा से जुड़ी शिकायतों के निवारण में यह व्यवस्था कितनी प्रभावी होती है, इसकी असली परीक्षा इसके माध्यम से आने वाली शिकायतों के समयबद्ध समाधान से होगी।

किलकारी में बच्चों की प्रतिभा ने भी खींचा ध्यान

शिक्षा भवन के बाद जिलाधिकारी किलकारी बाल भवन पहुंचे। उन्होंने वहां बच्चों से संवाद किया और पेंटिंग, नृत्य, संगीत, नाटक एवं खेल-कूद जैसी विभिन्न विधाओं में उनकी प्रतिभा की सराहना की।

डीएम ने कहा कि बच्चों का विकास केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए। रचनात्मकता, खेल और कला भी व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को किलकारी के बच्चों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर और मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

विश्लेषण: अब निरीक्षण से आगे परिणाम की बारी

मुजफ्फरपुर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत है। लेकिन किसी भी शिक्षा सुधार की सफलता निरीक्षणों की संख्या से नहीं, उसके परिणाम से तय होती है।

कक्षा में बच्चों का सीखना, शिक्षकों की नियमित उपलब्धता, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान, समय पर सुधारात्मक पढ़ाई, अभिभावकों की भागीदारी और स्कूलों की आधारभूत सुविधाएं—ये वे बिंदु हैं जिन पर लगातार निगरानी की जरूरत होगी।

डीएम ने संवाद और फीडबैक को व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर जोर दिया है। अब यदि इस फीडबैक को निर्णय और कार्रवाई से जोड़ा जाता है, तो सरकारी स्कूलों में सुधार की यह पहल महज प्रशासनिक निरीक्षण नहीं रहकर शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव की शुरुआत बन सकती है।

TAGGED:डीएम कुमार गौरवमुजफ्फरपुरस्कूल निरीक्षण
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर बिहार में स्मार्ट मरीज रेफरल सिस्टम और एंबुलेंस सेवा अस्पताल पहुंचने से पहले ही तय होगा इलाज का रास्ता, बिहार में स्मार्ट होगा मरीज रेफरल सिस्टम
अगली ख़बर मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में एमएनसीयू बेड सदर अस्पताल में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई ताकत, 13 एमएनसीयू बेड जल्द होंगे शुरू

ये भी पढ़ें

दानापुर मंडल में मेगा टिकट जांच अभियान

दानापुर मंडल में चला मेगा टिकट जांच अभियान

मलेशिया के जंगल में फंसे किशनगंज और पूर्णिया के युवा

मलेशिया के जंगल में फंसे किशनगंज-पूर्णिया के कई युवा, परिजनों ने सरकार से लगाई सुरक्षित वापसी की गुहार

AI आधारित ज्योतिष सॉफ्टवेयर के शुभारंभ कार्यक्रम

धर्म और विज्ञान अलग नहीं: राजीव शुक्ला

औरंगाबाद में CSP संचालक से लूट के बाद गिरफ्तार बदमाश

औरंगाबाद में CSP संचालक से डेढ़ लाख की लूट, ग्रामीणों ने पीछा कर दो बदमाशों को दबोचा

इरिमी-बीसीई करार के तहत रेलवे तकनीक की ट्रेनिंग

इरिमी-बीसीई के बीच पांच साल का करार, इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगी रेलवे तकनीक की ट्रेनिंग

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • झारखण्‍ड
  • करियर
  • उत्तर प्रदेश
  • स्वास्थ्य

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?