बेटवन बाजार में कमरे की खिड़की से फायरिंग के बाद मचा हड़कंप, छह खोखे और दोनाली बंदूक बरामद; बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
Munger New: कासिम बाजार थाना क्षेत्र के बेटवन बाजार में शुक्रवार रात एक निजी बैंक के कर्मचारियों की कथित शराब पार्टी उस वक्त विवादों में आ गई, जब कमरे से लगातार गोलियों की आवाज सुनाई देने लगी। रिहायशी इलाके में फायरिंग की सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार बैंक कर्मियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
मौके से दोनाली बंदूक और छह खोखे बरामद किए गए हैं। घटना की जानकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई है।
शराब पार्टी के बाद कमरे से चली गोलियां
पुलिस के अनुसार, बेटवन बाजार निवासी अंकित कुमार उर्फ बिट्टू के कमरे में शुक्रवार रात कुछ लोग जुटे थे। इसी दौरान शराब का दौर चला। आरोप है कि पार्टी के दौरान बैंक की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाली दोनाली बंदूक भी कमरे तक पहुंच गई।
शराब पीने के बाद कथित तौर पर हर्ष फायरिंग शुरू कर दी गई। कमरे की खिड़की से गोलियां चलने की आवाज लगातार सुनाई देने पर आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया। सूचना मिलने के बाद कासिम बाजार थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
चार बैंक कर्मी समेत पांच गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में अंकित कुमार उर्फ बिट्टू, सुधांशु कुमार, राहुल कुमार और शशांक शेखर को गिरफ्तार किया है। ये सभी ICICI बैंक के कर्मचारी बताए गए हैं। इनके अलावा पड़ोसी आशीष कुमार को भी पुलिस ने पकड़ा है।
पुलिस सभी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किसने की और हथियार कमरे तक किस तरह पहुंचा।
बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल
इस घटना ने फायरिंग से अलग बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि सुरक्षा गार्ड के पास रहने वाली बंदूक बैंक परिसर से बाहर निजी कमरे तक कैसे पहुंची?
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हथियार बाहर ले जाने की अनुमति किसने दी थी और फायरिंग के दौरान वास्तव में बंदूक किसके हाथ में थी। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
छह खोखे और बंदूक बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को घटनास्थल से छह खाली खोखे मिले। इसके अलावा सुरक्षा गार्ड की दोनाली बंदूक भी बरामद की गई है। पुलिस ने हथियार और खोखों को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।
कासिम बाजार थानाध्यक्ष रुबिकांत कच्छप के मुताबिक, फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कार्रवाई की और पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब सभी आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।
फायरिंग का मकसद और पूरी भूमिका की जांच
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग महज हर्ष फायरिंग थी या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी था। साथ ही हथियार को बैंक से कमरे तक लाने की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है।
फिलहाल इस घटना ने निजी बैंक के कर्मचारियों की कथित शराब पार्टी, हथियार के इस्तेमाल और बैंक की सुरक्षा व्यवस्था—तीनों को सवालों के घेरे में ला दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और पूछताछ के आधार पर होगी।