Lakhisarai News: शराब तस्करी के लिए तस्कर अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं। लखीसराय के बड़हिया बाइपास रोड पर पुलिस ने एक डाक पार्सल वैन से 1792.44 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है।
वैन में शराब को छिपाकर ले जाया जा रहा था और पुलिस को गुमराह करने के लिए चालक ने इसे जीवनरक्षक दवाओं की खेप बताया था। मामले में पुलिस ने चालक और उपचालक को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात बड़हिया उत्पाद थाना और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़हिया प्रखंड मुख्यालय जाने वाली बाइपास सड़क पर एक संदिग्ध डाक पार्सल वैन को रोका।
तलाशी के दौरान वैन से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद हुई। बरामद शराब की कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है।
वैन में मिले शराब के 200 कार्टन
उत्पाद अधीक्षक दीपक कुमार सिंह की निगरानी में वैन की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान वाहन से शराब के कुल 200 कार्टन बाहर निकाले गए।
तलाशी में इंपीरियल ब्लू ब्रांड के 750 एमएल के 49 कार्टन, 375 एमएल के 30 कार्टन और 180 एमएल के 21 कार्टन मिले। इसके अलावा ओल्ड हैबिट ब्रांड के 750 एमएल के चार और 375 एमएल के 96 कार्टन भी बरामद किए गए।
दवा का बिल दिखाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान वैन के चालक ने टीम को बताया कि वाहन में जीवनरक्षक दवाएं ले जाई जा रही हैं। इसके समर्थन में उसने एक कथित फर्जी बिल भी दिखाया।
पुलिस को संदेह होने पर वैन की सील खोलकर अंदर की जांच की गई। इसके बाद अंदर दवा की जगह शराब के कार्टन देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
चालक और उपचालक गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में वैन चालक सूरज कुमार और उपचालक मुन्ना कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों पटना जिले के दुल्हिन बाजार थाना क्षेत्र के पंसारी भरतपुरा वार्ड नंबर आठ के रहने वाले बताए गए हैं।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि शराब की यह खेप झारखंड से लाई जा रही थी। दोनों आरोपी भागलपुर-बांका के रास्ते शराब लेकर पटना की ओर जा रहे थे।
वैन मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई
उत्पाद अधीक्षक के अनुसार, मामले में जब्त डाक पार्सल वैन के मालिक समेत गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की इतनी बड़ी खेप कहां पहुंचाई जानी थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
लखीसराय में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब बिहार में शराब की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और उत्पाद विभाग लगातार वाहनों की जांच कर रहे हैं।
डाक पार्सल या कूरियर के नाम पर शराब भेजने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।