नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट में मंगलवार को एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन ने दस्तक दी। हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी।
हालांकि, यह स्पष्ट है कि हरमनप्रीत ने क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है और वह खिलाड़ी के तौर पर टीम का हिस्सा बनी रहेंगी।
हरमनप्रीत का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने हाल के वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 महिला वनडे विश्व कप का खिताब है, जो भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में पहला वनडे विश्व कप खिताब था। इसके अलावा हाल ही में उन्होंने भारत को 2026 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
भावुक संदेश के साथ हरमनप्रीत ने कहा- कप्तानी का अध्याय खत्म, सफर जारी
कप्तानी छोड़ने की घोषणा करते हुए हरमनप्रीत कौर ने अपने लंबे नेतृत्व कार्यकाल को याद किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक कप्तानी के दौरान उन्होंने टीम को प्राथमिकता देते हुए अपने व्यक्तिगत खेल, विकास और महत्वाकांक्षाओं को भी कई बार पीछे रखा।

हरमनप्रीत ने अपने संदेश में यह भी कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई ऐसे कठिन फैसले लेने पड़े, जिन्हें हर बार समझा नहीं गया। हालांकि, उनका उद्देश्य हमेशा टीम को बेहतर बनाना और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना रहा।
उन्होंने अपने संदेश के अंत में साफ किया कि कप्तानी खत्म हुई है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के साथ उनका सफर जारी रहेगा। यानी आने वाले समय में हरमनप्रीत बतौर खिलाड़ी टीम के लिए अपना योगदान देती रहेंगी।
2025 विश्व कप बना कप्तानी करियर का सबसे सुनहरा अध्याय
हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 महिला वनडे विश्व कप में भारत को चैंपियन बनाना रही। भारत ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप अपने नाम किया।
इस उपलब्धि के साथ हरमनप्रीत भारतीय क्रिकेट इतिहास में उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में शामिल हो गईं, जिन्होंने भारत को 50 ओवर के विश्व कप में चैंपियन बनाया। उनसे पहले यह उपलब्धि पुरुष क्रिकेट में कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी हासिल कर चुके थे।

इसके बाद 2026 एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेली और महिला क्रिकेट में भारत की स्थिति को मजबूत किया।
2016 में संभाली थी T20 टीम की कमान
हरमनप्रीत कौर ने 2016 में भारतीय महिला T20 टीम की कप्तानी संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी मिली और आगे चलकर वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान बनीं। इस तरह उनका नेतृत्व भारतीय महिला क्रिकेट के एक लंबे और महत्वपूर्ण दौर से जुड़ा रहा।
आंकड़ों की बात करें तो हरमनप्रीत ने भारत की कप्तान के रूप में 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में नेतृत्व किया। 155 T20I में कप्तानी करना महिला और पुरुष दोनों क्रिकेट में किसी खिलाड़ी के लिए एक रिकॉर्ड आंकड़ा है।
BCCI ने भी हरमनप्रीत के योगदान को सराहा
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व और भारतीय महिला क्रिकेट में उनके योगदान को सराहा है। बोर्ड ने कहा कि उनकी कप्तानी का अध्याय समाप्त होने के साथ भारतीय महिला क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण दौर का भी समापन हुआ है।

हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल भारतीय महिला टीम की अगली कप्तान को लेकर है। मौजूदा उपकप्तान स्मृति मंधाना को संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर सबसे आगे माना जा रहा है, हालांकि अंतिम फैसला BCCI की ओर से किया जाना बाकी है।
कप्तानी से विदाई, लेकिन खिलाड़ी के रूप में नया अध्याय
हरमनप्रीत कौर का फैसला भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने करीब एक दशक तक टीम की कमान संभाली और इस दौरान आलोचना, दबाव, उतार-चढ़ाव और ऐतिहासिक उपलब्धियों—सभी का सामना किया।
अब कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होकर हरमनप्रीत का ध्यान अपने खिलाड़ी के रूप में प्रदर्शन पर होगा। उनके लिए यह बदलाव एक युग के अंत के साथ-साथ व्यक्तिगत करियर के नए अध्याय की शुरुआत भी माना जा सकता है।
