नई फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन में 50% का उछाल, 8VC ने किया निवेश का नेतृत्व; ऐसे AI मॉडल बना रही है जो अलग-अलग रोबोट को खुद काम करना सिखा सके
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब मुकाबला सिर्फ चैटबॉट और भाषा मॉडल तक सीमित नहीं है। निवेशकों की नजर तेजी से ऐसे AI पर जा रही है जो असली दुनिया में मशीनों और रोबोट को काम करना सिखा सके।
इसी दौड़ में रोबोटिक्स स्टार्टअप Generalist ने बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी की वैल्यूएशन करीब 3 अरब डॉलर पहुंच गई है। यह जानकारी कंपनी की फंडिंग से जुड़े दो लोगों के हवाले से सामने आई है।
Generalist ने हाल में करीब 20 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त पूंजी जुटाई है। इस निवेश का नेतृत्व वेंचर कैपिटल फर्म 8VC ने किया है। यह नई फंडिंग जून में जुटाई गई 40 करोड़ डॉलर की Series B का विस्तार है। जून में उस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 2 अरब डॉलर आंकी गई थी।
यानी लगभग दो महीने में Generalist की वैल्यूएशन में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। नई रकम जुड़ने के बाद इस फंडिंग राउंड का कुल आकार करीब 60 करोड़ डॉलर हो गया है।
हालांकि, कंपनी और 8VC ने इस नई फंडिंग और वैल्यूएशन पर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया है। इसलिए 3 अरब डॉलर की वैल्यूएशन को फिलहाल सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के तौर पर देखा जा रहा है।
2024 में शुरू हुई थी कंपनी
Generalist की शुरुआत 2024 में हुई थी। इसके संस्थापकों में पूर्व Google DeepMind शोधकर्ता Pete Florence और Andy Zeng शामिल हैं। कंपनी के साथ Boston Dynamics के पूर्व रोबोटिक्स इंजीनियर Andrew Barry भी जुड़े हैं।

टीम का लक्ष्य ऐसे AI सिस्टम तैयार करना है जो अलग-अलग तरह के रोबोट को कई तरह के काम करने में सक्षम बना सकें।
Generalist खुद रोबोट बनाने के बजाय उनके लिए एक तरह का AI दिमाग तैयार कर रही है। कंपनी ऐसे फाउंडेशन मॉडल विकसित कर रही है जिन्हें अलग-अलग रोबोट और अलग-अलग परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जा सके। इसका मकसद यह है कि हर नए काम के लिए रोबोट को अलग से शुरू से प्रोग्राम न करना पड़े।
GEN-1 ने बढ़ाई उम्मीद
कंपनी के AI मॉडल GEN-1 ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है। Generalist के मुताबिक GEN-1 साधारण शारीरिक कामों में 99 फीसदी तक सफलता दर हासिल कर सकता है और पिछली तकनीकों के मुकाबले कुछ काम करीब तीन गुना तेजी से कर सकता है।

मॉडल को अनपेक्षित स्थिति आने पर अपने तरीके में बदलाव करने के लिए भी तैयार किया गया है।
कंपनी अब GEN-1.5 पर भी काम कर रही है। Generalist के मुताबिक यह मॉडल कुछ नए कामों को केवल कुछ सेकंड के वीडियो प्रदर्शन के आधार पर सीख सकता है। अगस्त में कंपनी ने बताया कि GEN-1.5 करीब 12 सेकंड के प्रदर्शन से भी नए काम को समझने और सीखने की क्षमता दिखाता है।
निवेशकों को क्यों दिख रही है बड़ी संभावना?
रोबोटिक्स में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि रोबोट को असली दुनिया के काम सीखने के लिए पर्याप्त डेटा चाहिए। इंटरनेट पर मौजूद टेक्स्ट और तस्वीरों की तरह रोबोट के काम का बहुत बड़ा डेटा उपलब्ध नहीं है।

Generalist ने इसी समस्या को दूर करने के लिए वास्तविक दुनिया में रोबोट की गतिविधियों से बड़े पैमाने पर डेटा जुटाने पर जोर दिया है। जून की फंडिंग के समय कंपनी ने बताया था कि उसके पास 5 लाख घंटे से ज्यादा वास्तविक रोबोट गतिविधियों का डेटा था।
इस क्षेत्र में Generalist अकेली कंपनी नहीं है। Physical Intelligence, Skild AI और Genesis AI जैसी कंपनियां भी ऐसे AI सिस्टम विकसित कर रही हैं जो कई तरह के रोबोट को अलग-अलग काम करने में सक्षम बना सकें।
निवेशकों का मानना है कि अगर ऐसा सिस्टम सफल हुआ तो रोबोटिक्स में भी AI की तरह बड़ा बदलाव आ सकता है।
फिलहाल Generalist के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी तकनीक को बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इस्तेमाल तक पहुंचाना है। रोबोट को नियंत्रित करने वाला AI बनाना और उसे कारखानों, गोदामों, घरों या दूसरे वास्तविक माहौल में लगातार भरोसेमंद तरीके से काम कराना दो अलग बातें हैं।
इसके बावजूद करीब 3 अरब डॉलर की नई वैल्यूएशन बताती है कि निवेशक Physical AI के भविष्य पर बड़ा दांव लगा रहे हैं।