Dinman Times
  • ट्रेंडिंग
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Reading: पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन, हिंदी कहानी के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन, हिंदी कहानी के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा

पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन, हिंदी कहानी के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा

State Desk Bihar
Last updated: सितम्बर 2, 2026 6:19 अपराह्न
By : State Desk Bihar
Published on : 6 मिनट पहले
पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन
पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन
साझा करें

पटना: पटना विश्वविद्यालय में 2 सितंबर 2026 को प्रसिद्ध साहित्यकार एवं आलोचक नंदकिशोर नवल की स्मृति में सातवें स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी कहानी के बदलते स्वरूप, उसकी संरचना और साहित्य में परिवर्तन के साथ निरंतरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अपूर्वानंद ने की। उन्होंने नंदकिशोर नवल के परिवार की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया।

पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन हुआ।
पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन हुआ।

स्मृति व्याख्यान के मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. संजीव कुमार रहे। उन्होंने व्याख्यान के मुख्य विषय ‘हिन्दी कहानी की कहनी (परिवर्तन और निरंतरता का एक और व्याख्यान)’ पर अपने विचार रखे। उन्होंने हिंदी कहानी की बदलती संरचना और उसके विभिन्न पक्षों की ओर श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया।

कहानी के दो पक्ष—परिणति और प्रक्रिया

डॉ. संजीव कुमार ने हिंदी कहानी के स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि कहानी के दो प्रमुख पक्ष हो सकते हैं—एक परिणति पक्ष और दूसरा प्रक्रिया पक्ष। उन्होंने इन दोनों पक्षों के माध्यम से कहानी की संरचना और उसके विकास को समझने की कोशिश की।

Nandkishore Naval Smriti Vyakhyan 7 Patna University
Nandkishore Naval Smriti Vyakhyan 7 Patna University

व्याख्यान के दौरान हिंदी कहानी में समय के साथ आए बदलावों के साथ-साथ उसकी निरंतरता पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद साहित्यप्रेमियों और विद्यार्थियों ने विषय को गंभीरता से सुना।

ये भी पढ़े

क्राइम कंट्रोल को लेकर नालंदा में Preventive Policing पर जोर, रात में सड़क पर उतरी पुलिस टीम
जाम हटाने पहुंचे मुखिया पति पर फायरिंग, फारबिसगंज में मचा हड़कंप; दो हिरासत में
पद्मावत के जौहर सीन पर फिर घिरीं स्वरा भास्कर, बोलीं- मैंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा; गलत तरीके से फैलाया गया बयान
केस उठाने का दबाव, दो लाख की रंगदारी और धमकी; धरहरा में नीतीश गिरफ्तार

ऋषिकेश सुलभ ने साझा की नंदकिशोर नवल से जुड़ी स्मृतियां

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कहानीकार ऋषिकेश सुलभ ने की। उन्होंने नंदकिशोर नवल के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए कहा कि “नवल जी मेरे गुरु रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि उन्होंने नवल जी के साथ विद्यार्थी के रूप में काफी समय बिताया है। उनके वक्तव्य में नंदकिशोर नवल के साथ बिताए समय और उनसे मिले साहित्यिक मार्गदर्शन की स्मृतियां भी सामने आईं।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही बड़ी भागीदारी

कार्यक्रम का मंच संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. उत्तम कुमार ने किया। वहीं डॉ. संजय कुमार ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के अंत में नंदकिशोर नवल के पुत्र चिंतन भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन
पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन

इस अवसर पर डॉ. तरुण कुमार, डॉ. योगेश सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। हिंदी साहित्य और कहानी के बदलते स्वरूप पर आयोजित इस व्याख्यान ने विद्यार्थियों और साहित्य में रुचि रखने वाले लोगों को एक महत्वपूर्ण विमर्श का अवसर दिया।

TAGGED:Bihar Education NewsNandkishore NavalPatna NewsPatna University
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर नालंदा में Preventive Policing के तहत रात में पुलिस पेट्रोलिंग क्राइम कंट्रोल को लेकर नालंदा में Preventive Policing पर जोर, रात में सड़क पर उतरी पुलिस टीम

ये भी पढ़ें

पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन

पटना विश्वविद्यालय में नंदकिशोर नवल स्मृति व्याख्यान-7 का आयोजन, हिंदी कहानी के बदलते स्वरूप पर हुई चर्चा

नालंदा में Preventive Policing के तहत रात में पुलिस पेट्रोलिंग

क्राइम कंट्रोल को लेकर नालंदा में Preventive Policing पर जोर, रात में सड़क पर उतरी पुलिस टीम

फारबिसगंज में मुखिया पति पर फायरिंग के बाद पुलिस जांच

जाम हटाने पहुंचे मुखिया पति पर फायरिंग, फारबिसगंज में मचा हड़कंप; दो हिरासत में

पद्मावत के जौहर सीन पर विवाद के बीच स्वरा भास्कर की सफाई

पद्मावत के जौहर सीन पर फिर घिरीं स्वरा भास्कर, बोलीं- मैंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा; गलत तरीके से फैलाया गया बयान

मुंगेर के धरहरा में रंगदारी और धमकी मामले में आरोपी गिरफ्तार

केस उठाने का दबाव, दो लाख की रंगदारी और धमकी; धरहरा में नीतीश गिरफ्तार

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • झारखण्‍ड
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • दिल्‍ली

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?