बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को ईओयू ने पूर्व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर से जुड़े चार ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले को लेकर एक साथ छापेमारी शुरू की। सिवान जिले के दरौंदा प्रखंड स्थित रैनी गांव में उनके पैतृक घर पर सुबह से ही EOU की टीम पहुंची, जिसके बाद पूरे इलाके में हलचल मच गई। कार्रवाई की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और दिनभर गांव में इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही।
रैनी गांव स्थित मकान बंद होने के कारण तलाशी शुरू करने से पहले टीम को घर की चाबी का इंतजार करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, मकान की चाबी छपरा से मंगाई गई। चाबी पहुंचने के बाद ईओयू की टीम ने घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया शुरू की। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस भी पूरे समय मौके पर तैनात रही।

62.20 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पूर्व DPO अजीत अमर के खिलाफ ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद उसका सत्यापन कराया गया था। प्रारंभिक जांच में 62 लाख 20 हजार 550 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। जांच एजेंसी के अनुसार यह राशि उनकी ज्ञात आय की तुलना में लगभग 72.35 प्रतिशत अधिक है।
इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना में छह अगस्त 2026 को कांड संख्या 17/26 दर्ज किया गया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) (संशोधित 2018) के तहत दर्ज किया गया है। इसके बाद विशेष न्यायालय निगरानी, उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त कर शुक्रवार को विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की गई।
EOU ने की चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी
ईओयू की टीम ने जिन चार स्थानों पर तलाशी ली, उनमें पूर्व DPO अजीत अमर के सिवान के रैनी गांव स्थित पैतृक मकान, सहरसा के नया बाजार स्थित किराये का आवास, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष और छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास शामिल हैं। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में गठित अलग-अलग टीमें इन सभी स्थानों पर संपत्ति संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच में जुटी रहीं।
गांव में सुबह से जुटी रही लोगों की भीड़
रैनी गांव में सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही। गांव के लोग ईओयू की कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चा करते रहे। कई लोग यह जानने की कोशिश करते रहे कि तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद होता है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी नकदी, जेवर या अन्य सामान की बरामदगी को लेकर ईओयू की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई थी।
पूर्व DPO अजीत अमर पूर्व में सारण जिले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। आर्थिक अपराध इकाई फिलहाल उनकी आय के स्रोतों और अर्जित संपत्तियों का मिलान कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि तलाशी में मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ईओयू अधिकारियों के मुताबिक चारों स्थानों पर चल रही तलाशी पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। ऐसे में इस मामले से जुड़ी पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल रैनी गांव से लेकर सहरसा और छपरा तक ईओयू की इस कार्रवाई को लेकर लोगों की नजरें जांच एजेंसी की अगली आधिकारिक जानकारी पर टिकी हुई हैं। जिससे ये पूरा मामला साफ हो पाएगा।