दावथ बिजली चोरी मामला सामने आने के बाद विद्युत विभाग ने तीन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की है। विद्युत आपूर्ति प्रशाखा, दावथ की ओर से विभिन्न परिसरों में की गई जांच के दौरान ऐसे उपभोक्ता पाए गए, जिनका बिजली कनेक्शन बकाया बिल के कारण पहले ही काट दिया गया था। इसके बावजूद बकाया राशि और पुनः विद्युत संयोजन शुल्क जमा किए बिना बिजली का उपयोग किया जा रहा था। विभाग ने तीनों मामलों में कुल 76,295 रुपये का जुर्माना लगाया है और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
कनीय विद्युत अभियंता दावथ अर्जुन कुमार के अनुसार, तीनों मामलों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत सूर्यपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी से राजस्व का नुकसान होता है और बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इसी कारण जांच और छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बकाया बिल के बाद कनेक्शन कटने पर भी बिजली का उपयोग
विद्युत विभाग की ओर से बताया गया कि ऊर्जा चोरी पर रोक लगाने और राजस्व हानि को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दावथ प्रशाखा के विभिन्न परिसरों की जांच की गई। जांच के दौरान कुछ ऐसे उपभोक्ताओं की स्थिति सामने आई, जिनका कनेक्शन बकाया बिजली बिल के कारण पूर्व में विच्छेदित कर दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित लोगों ने बकाया राशि और पुनः कनेक्शन शुल्क जमा नहीं किया और कथित तौर पर अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल जारी रखा।
विभाग के अनुसार, ग्राम जमसोना निवासी मो. मेसार अहमद, पिता इब्राहिम अंसारी के मामले में 45,856 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जांच में सामने आए इस मामले में विभाग ने बिजली के अवैध उपयोग को लेकर कार्रवाई की। जुर्माने की राशि तीन मामलों में लगाए गए कुल दंड का सबसे बड़ा हिस्सा है।

मीटर बाईपास कर बिजली लेने के दो मामले
जांच के दौरान दो अन्य व्यक्तियों के परिसर में मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली उपयोग किए जाने का मामला सामने आया। विभाग के मुताबिक, एलटी लाइन से मीटर तक आने वाले इनकमिंग तार में कटिंग कर अतिरिक्त तार जोड़ दिया गया था। इस व्यवस्था के जरिए मीटर को बाईपास कर विद्युत ऊर्जा की चोरी किए जाने का आरोप है।
इस मामले में राजो नंदन सिंह, पिता केशव प्रसाद पर 15,385 रुपये और राम प्रवेश चौधरी, पिता पोखान चौधरी पर 15,054 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस तरह तीनों मामलों में लगाए गए जुर्माने की राशि क्रमशः 45,856 रुपये, 15,385 रुपये और 15,054 रुपये है। इनका कुल योग 76,295 रुपये होता है।
तीनों मामलों में विद्युत अधिनियम के तहत प्राथमिकी
कनीय विद्युत अभियंता अर्जुन कुमार ने बताया कि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत सूर्यपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बिजली चोरी के मामलों में विभागीय जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई गई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद बिना बकाया भुगतान और पुनः संयोजन शुल्क जमा किए बिजली का उपयोग करना नियमों के विरुद्ध है। इसी तरह मीटर को बाईपास करने के लिए तार में कटिंग या अतिरिक्त तार जोड़ना भी विभागीय जांच में बिजली चोरी की श्रेणी में सामने आया है। विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों पर निगरानी रखी जा रही है।

वैध कनेक्शन और समय पर बिल भुगतान की अपील
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल वैध बिजली कनेक्शन के माध्यम से ही ऊर्जा का उपयोग करें। बिजली बिल का भुगतान समय पर करें और किसी भी तरह की विद्युत अनियमितता की जानकारी विभाग को दें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी दंडनीय अपराध है और इसके विरुद्ध जांच तथा छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
दावथ में सामने आए इन तीन मामलों में विभाग ने कुल 76,295 रुपये का जुर्माना लगाया है और प्राथमिकी दर्ज कराई है। कार्रवाई का उद्देश्य बिजली चोरी पर रोक लगाना और राजस्व नुकसान को नियंत्रित करना बताया गया है। अब संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
