पटना। भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS Summit 2026 में बिहार के पारंपरिक उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है। नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन के लिए तैयार की गई Welcome Kit में बिहार का सत्तू और मखाना शामिल किया गया है।
इसे लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने इसे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि राज्य के पारंपरिक स्वाद, स्थानीय उत्पाद और उद्यमिता अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के ‘Local to Global’ विजन से भी जोड़ा।
BRICS की Welcome Kit में बिहार का सत्तू और मखाना
दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित 18वें BRICS Summit में दुनियाभर से नेता, प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से जुड़े लोग पहुंचे। इसी दौरान तैयार की गई Welcome Kit में बिहार के दो प्रमुख खाद्य उत्पादों सत्तू और मखाना को जगह दी गई।

इन दोनों उत्पादों को शामिल किए जाने से बिहार की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक पहुंचाने का मौका मिला है। रिपोर्टों के मुताबिक, सत्तू का पैकेट मधुबनी से और मखाना पूर्णिया से लिया गया है।

सम्राट चौधरी ने PM मोदी को दिया धन्यवाद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि BRICS की Welcome Kit में सत्तू और मखाना का शामिल होना बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान को दुनिया तक पहुंचाने वाला कदम है।
मुख्यमंत्री के बयान में खास तौर पर इस बात पर जोर रहा कि बिहार के स्थानीय उत्पाद अब केवल राज्य या देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पहचान मिल रही है।
सत्तू और मखाना क्यों हैं बिहार की पहचान?
सत्तू बिहार के पारंपरिक खान-पान का अहम हिस्सा है। भुने हुए चने या अन्य अनाज से तैयार होने वाला सत्तू गर्मी के मौसम में पेय से लेकर कई तरह के पारंपरिक व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है।
वहीं मखाना बिहार के प्रमुख कृषि और खाद्य उत्पादों में शामिल है। खासकर मिथिलांचल और उत्तर बिहार से इसका मजबूत जुड़ाव है। पिछले कुछ वर्षों में मखाने की मांग देश के दूसरे हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़ी है।
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में इन दोनों उत्पादों की मौजूदगी से बिहार के Agri-Food Business और स्थानीय उद्यमियों को भी नए बाजारों की संभावना मिल सकती है।
‘Local to Global’ की दिशा में बिहार को फायदा
बिहार के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में जगह मिलने को केवल खान-पान तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसके जरिए राज्य की कृषि, स्थानीय ब्रांड, फूड प्रोसेसिंग और छोटे कारोबारों को भी पहचान मिलने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक स्थानीय उत्पाद पहुंचने से भविष्य में इनके Branding, Marketing और Export को लेकर भी नए अवसर बन सकते हैं। हालांकि, इन अवसरों का वास्तविक आर्थिक लाभ कितना होगा, यह आगे बाजार और व्यापारिक विस्तार पर निर्भर करेगा।
BRICS के मंच पर दिखी भारत की विविधता
BRICS Summit में बिहार के सत्तू और मखाना के अलावा भारत के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक खान-पान को भी प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन के जरिए भारत की क्षेत्रीय विविधता को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने रखने की कोशिश की गई।
ऐसे में बिहार के सत्तू और मखाना का Welcome Kit में शामिल होना राज्य के लिए सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ Local Products को Global Market से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
बिहार के लिए क्यों खास है यह मौका?
- BRICS Summit की Welcome Kit में सत्तू और मखाना शामिल हुए।
- बिहार के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तक पहुंच मिली।
- CM सम्राट चौधरी ने PM मोदी का आभार जताया।
- ‘Local to Global’ विजन से इस पहल को जोड़ा गया।
- सत्तू और मखाना के कारोबार व ब्रांडिंग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना बढ़ी।