जमुई: बरहट थाना क्षेत्र के नूमर गांव के पास शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब उत्पाद विभाग की टीम का पीछा किए जाने के बाद एक स्विफ्ट कार को छोड़कर शराब तस्कर फरार हो गए। विभाग को सूचना मिली थी कि लक्ष्मीपुर की ओर से कार में अंग्रेजी शराब लाई जा रही है। पीछा शुरू होने के बाद चालक समेत दो लोगों के वाहन छोड़कर भागने की बात सामने आई है।
घटना की जानकारी मिलने पर बरहट थाना पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। लावारिस स्थिति में खड़ी कार को कब्जे में लिया गया। कार के अंदर और डिक्की में अंग्रेजी शराब होने की जानकारी दी गई है। जब्त वाहन और शराब को आगे की कार्रवाई के लिए उत्पाद कार्यालय ले जाया गया।
गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुआ पीछा
उत्पाद विभाग को पहले से सूचना मिली थी कि एक स्विफ्ट कार के जरिए भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने लक्ष्मीपुर की दिशा से वाहन का पीछा करना शुरू किया। जैसे-जैसे टीम वाहन के करीब पहुंची, तस्करों ने रास्ता बदलकर ग्रामीण क्षेत्र की ओर जाने का प्रयास किया।
नूमर गांव के पास खुद को घिरता देख आरोपितों ने कार सड़क किनारे छोड़ दी और ग्रामीण इलाके का फायदा उठाकर मौके से निकल गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वाहन में चालक के अलावा एक अन्य व्यक्ति भी था। दोनों की पहचान अभी सामने नहीं आई है।

कार को स्टार्ट कराने में लगी करीब एक घंटे की मशक्कत
कार छोड़कर भागने के बाद मौके पर काफी देर तक स्थिति असामान्य बनी रही। उत्पाद विभाग और पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेने के बाद उसे कार्यालय तक पहुंचाने की कोशिश की। तकनीकी सहयोग से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कार को स्टार्ट किया गया। इसके बाद जब्त वाहन और उसमें मौजूद शराब को उत्पाद विभाग के कार्यालय ले जाया गया।
ग्रामीणों द्वारा शराब निकालने की चर्चा पर जांच
घटना के बाद यह चर्चा भी सामने आई कि मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने कार के पिछले हिस्से से शराब के कार्टून निकाल लिए। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा शराब ले जाने की बात सही नहीं है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
इस बिंदु पर पुलिस और उत्पाद विभाग उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। जब्त कार की जांच से तस्करी के नेटवर्क और वाहन के इस्तेमाल से जुड़े सुराग मिलने की संभावना है।
फरार तस्करों की तलाश जारी
कार और शराब को जब्त करने के बाद अब पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी है। इसके लिए आसपास के इलाकों में छापेमारी और आवश्यक जानकारी जुटाने की कार्रवाई की जा रही है। वाहन के दस्तावेज, उसके स्वामित्व और संभावित मार्ग की जांच भी मामले में अहम हो सकती है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में जब्त शराब की सटीक मात्रा नहीं बताई गई है। इसलिए इसकी मात्रा को लेकर कोई निश्चित आंकड़ा देना उचित नहीं होगा। पुलिस और उत्पाद विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही बरामदगी और आरोपितों से जुड़े अन्य तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
नूमर गांव के पास हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिखाया है कि शराब की अवैध ढुलाई रोकने के लिए सूचना तंत्र और सड़क पर निगरानी दोनों महत्वपूर्ण हैं। अब जांच का फोकस उन लोगों तक पहुंचने पर है जिन्होंने कथित तौर पर वाहन के जरिए शराब की खेप पहुंचाने की कोशिश की थी।
