बारुण रंगदारी मांगने का मामला नगर पंचायत बारुण के वार्ड संख्या पांच से सामने आया है। यहां निर्माण कार्य के दौरान रंगदारी मांगने, काम में बाधा डालने और धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया है। घटना को लेकर एनटीपीएस खैरा थाना क्षेत्र के परसा गणेश निवासी उपेंद्र सिंह ने बारुण थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत में स्थानीय निवासी विजेंद्र यादव पर गाली-गलौज, निर्माण कार्य रुकवाने, हमला करने, मोबाइल तोड़ने और जेब से 25 हजार रुपये छीनने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार, घटना उस समय हुई जब वह नगर पंचायत बारुण के वार्ड संख्या पांच में शिवनंदन सिंह के मकान के समीप अपने निर्माण कार्यस्थल पर पहुंचे थे। इसी दौरान विजेंद्र यादव वहां आया और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए काम में बाधा डालने लगा। उपेंद्र सिंह का आरोप है कि विरोध करने पर उनके ऊपर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
निर्माण कार्यस्थल पर पहुंचकर रंगदारी मांगने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, उपेंद्र सिंह अपने निर्माण कार्य से जुड़े स्थल पर मौजूद थे। इसी दौरान स्थानीय निवासी विजेंद्र यादव वहां पहुंचा। शिकायत में कहा गया है कि उसने पहले गाली-गलौज की और निर्माण कार्य में बाधा डालने लगा। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उससे रंगदारी की मांग की गई। जब उपेंद्र सिंह ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और उन पर हमला कर दिया गया।
इस तरह घटना की शुरुआत निर्माण कार्य को लेकर हुए कथित विवाद से बताई गई है। हालांकि, रंगदारी की मांग किस रकम की थी और आरोपित ने किस रूप में मांग रखी थी, इसकी जानकारी उपलब्ध शिकायत विवरण में स्पष्ट नहीं है। पुलिस इन बिंदुओं की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

धारदार हथियार से हमले में गंभीर चोट लगने की शिकायत
उपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर विजेंद्र यादव ने धारदार हथियार से उन पर जानलेवा हमला किया। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित ने अपनी शिकायत के साथ मेडिकल इंजरी रिपोर्ट भी संलग्न की है। मेडिकल दस्तावेज जांच के दौरान घटना में लगी चोटों और उनकी प्रकृति से जुड़े तथ्यों की पड़ताल में उपयोगी हो सकते हैं।
पीड़ित के मुताबिक, घटना के दौरान उनका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। इसके अतिरिक्त उनकी जेब में रखे 25 हजार रुपये नकद जबरन छीन लिए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपित ने वहां गली में कराए जा रहे निर्माण कार्य में तोड़फोड़ की, जिससे निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचा। इस प्रकार शिकायत में मारपीट, नकदी छीनने, मोबाइल क्षतिग्रस्त करने और निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचाने जैसे कई आरोप शामिल हैं।
बारुण थाने में लिखित आवेदन, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद उपेंद्र सिंह ने बारुण थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। आवेदन के साथ मेडिकल इंजरी रिपोर्ट भी दी गई है। पीड़ित ने आरोपित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और मामले में त्वरित जांच की मांग की है। पुलिस ने प्राप्त आवेदन के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू करने की जानकारी दी है।
पुलिस के सामने अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करना, घटना के समय मौजूद लोगों की जानकारी जुटाना और मेडिकल रिपोर्ट सहित उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करना महत्वपूर्ण होगा। निर्माण स्थल पर हुई कथित तोड़फोड़ और मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले के सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रखा है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी तस्वीर
इस घटना में फिलहाल पीड़ित की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर आरोप सामने आए हैं। पुलिस की ओर से जांच शुरू किए जाने की पुष्टि की गई है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में किसी गिरफ्तारी या आरोपित के बयान का उल्लेख नहीं है। इसलिए अभी किसी आरोप को अदालत में साबित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
निर्माण कार्य के दौरान विवाद, कथित रंगदारी और हमले की शिकायत ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पूरे घटनाक्रम का निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल उपेंद्र सिंह ने लिखित शिकायत के जरिए न्याय की मांग की है और बारुण पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
