TMC कार्यालय में मिली पूर्व डिप्टी स्पीकर की लाश
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति से रविवार सुबह एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत हो गई। उनका शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित एक TMC कार्यालय में मिला।
पुलिस के मुताबिक, बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय में मिला और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस अभी नोट की वास्तविकता और मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में होती थी गिनती
आशीष बनर्जी लंबे समय तक पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहे और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री भी रह चुके थे।
उन्होंने स्कूल शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा जुलाई 2021 से मई 2026 तक वह पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे।
उनकी राजनीतिक पहचान सिर्फ राज्य स्तर तक सीमित नहीं थी। बीरभूम के रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से वह लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी के ध्रुव साहा से हार का सामना करना पड़ा।
चुनावी हार के बाद संगठन में भी हुआ बदलाव
आशीष बनर्जी की मौत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 2026 के विधानसभा चुनाव में TMC को बड़ा झटका लगा और बनर्जी खुद भी रामपुरहाट सीट से चुनाव हार गए।
इसके बाद उन्होंने जून 2026 में TMC की बीरभूम जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता बनाए रखने की बात कही थी।
उनके इस्तीफे के पीछे संगठन के कामकाज को लेकर असंतोष की बातें भी सामने आई थीं। हालांकि, इन घटनाओं को उनकी मौत का कारण मानना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कथित सुसाइड नोट ने बढ़ाए सवाल
पार्टी कार्यालय से एक कथित सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार नोट में किसी व्यक्ति को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराए जाने की बात कही गई है। पुलिस फिलहाल इस नोट की जांच कर रही है।
ऐसे में पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि आखिर घटनाक्रम की पूरी कड़ी क्या थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
25 साल तक रामपुरहाट से रहे विधायक
आशीष बनर्जी का राजनीतिक करियर काफी लंबा रहा। उन्होंने 2001 से 2026 तक करीब 25 वर्षों तक रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
इस दौरान वह TMC सरकार में अलग-अलग जिम्मेदारियों पर रहे। कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े रहने के अलावा विधानसभा के उपाध्यक्ष पद पर भी उन्होंने काम किया।
उनकी मौत की खबर सामने आते ही TMC और पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
Ashish Banerjee Death: पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस कथित सुसाइड नोट समेत घटनास्थल से मिले सभी सबूतों की जांच कर रही है।
फिलहाल मौत के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने तक किसी भी संभावित कारण को लेकर अटकलों से बचना जरूरी है।
TMC के लिए बड़ा राजनीतिक झटका
आशीष बनर्जी की मौत TMC के लिए ऐसे समय में हुई है जब पार्टी राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। लंबे समय तक पार्टी के मजबूत गढ़ रहे बीरभूम में भी हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों ने समीकरण बदले हैं।
बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेता का निधन पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी घटना है।