कोलकाता। एलपीजी सिलेंडरों की गुणवत्ता और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने ‘जीरो का दम’ (जेडकेडी) कार्यक्रम का विस्तार किया है। कंपनी की इस पहल के तहत दुर्गापुर सहित 22 नए शहरों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य बॉटलिंग प्लांट से ग्राहक के घर तक पहुंचने वाली प्रक्रिया में गुणवत्ता जांच को मजबूत करना है। कंपनी ने ‘डिफेक्ट मिला तो मुफ्त रिफिल’ का भरोसा भी दिया है। इसके अनुसार, डिलीवरी के समय सिलेंडर में वास्तविक खराबी पाए जाने पर लागू नियमों और शर्तों के तहत ग्राहक को मुफ्त रिफिल दिया जाएगा।
बीपीसीएल फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों में शामिल और महारत्न सार्वजनिक उपक्रम है। कंपनी के मुताबिक, यह कार्यक्रम उसके पूरे एलपीजी नेटवर्क में लागू किया जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक तक पहुंचने वाला सिलेंडर गुणवत्ता और सुरक्षा के तय मानकों पर खरा उतरे। दुर्गापुर के भारतगैस ग्राहकों के लिए भी इस पहल के तहत खराबी मिलने पर राहत का प्रावधान बताया गया है।
डिलीवरी के समय खराबी मिलने पर मुफ्त रिफिल
‘डिफेक्ट मिला तो मुफ्त रिफिल’ इस कार्यक्रम का ग्राहक-केंद्रित हिस्सा है। कंपनी के अनुसार, यदि सिलेंडर की डिलीवरी के समय उसमें कोई वास्तविक खराबी पाई जाती है, तो ग्राहक को लागू नियमों और शर्तों के अनुसार मुफ्त रिफिल दिया जाएगा। इस सुविधा का लाभ वास्तविक दोष की स्थिति में ही मिलेगा। कंपनी ने इसे अपने सिलेंडरों की गुणवत्ता को लेकर भरोसे और ग्राहकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की पहल बताया है।
ग्राहकों के लिए यह समझना जरूरी है कि मुफ्त रिफिल का प्रावधान कंपनी की ओर से बताई गई शर्तों के अधीन है। उपलब्ध जानकारी में खराबी की श्रेणियों, शिकायत दर्ज कराने के विस्तृत माध्यम या दावे की समयसीमा का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में ग्राहक को डिलीवरी के समय सिलेंडर की स्थिति की जांच करनी चाहिए और किसी वास्तविक समस्या पर वितरक या कंपनी के अधिकृत संपर्क माध्यम से शिकायत करनी चाहिए।

बॉटलिंग प्लांट से घर तक गुणवत्ता जांच
बीपीसीएल के मुताबिक, ‘जीरो का दम’ के तहत एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का स्वतंत्र एजेंसियों से कड़ा निरीक्षण और ऑडिट कराया जाता है। ये एजेंसियां नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर सर्टिफिकेशन बॉडीज से मान्यता प्राप्त हैं। जांच में प्लांट से लेकर ग्राहक तक सिलेंडर पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को परखा जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गुणवत्ता मानकों का पालन केवल प्लांट के भीतर ही नहीं, बल्कि आपूर्ति की पूरी श्रृंखला में हो।
कंपनी ने बताया है कि अब तक उसके 55 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट ‘जीरो का दम’ प्रमाणन हासिल कर चुके हैं। इस प्रमाणन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक, नियमित रखरखाव, सुरक्षा जांच और स्वतंत्र एजेंसियों की समीक्षा को शामिल किया गया है। बीपीसीएल का दावा है कि इन उपायों से सिलेंडर की गुणवत्ता में निरंतरता और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।
22 नए शहरों तक पहल का विस्तार
कंपनी के अनुसार, इस कार्यक्रम की शुरुआत 14 चुनिंदा शहरों में की गई थी। अब दुर्गापुर सहित 22 और शहरों को इसमें जोड़ा गया है। बीपीसीएल ने संकेत दिया है कि धीरे-धीरे इस पहल का विस्तार अन्य शहरों तक भी किया जाएगा। इस विस्तार से अधिक भारतगैस ग्राहकों को गुणवत्ता संबंधी भरोसे और खराबी की स्थिति में निर्धारित राहत का लाभ मिल सकेगा।
दुर्गापुर में कार्यक्रम लागू होने से वहां के ग्राहकों को डिलीवरी के समय सिलेंडर की जांच और शिकायत के मामले में कंपनी की घोषित व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ग्राहकों को मुफ्त रिफिल की पात्रता और प्रक्रिया के लिए लागू नियमों और शर्तों को समझना होगा।

एलपीजी बिजनेस हेड ने बताई पहल की मंशा
बीपीसीएल के एलपीजी बिजनेस हेड टी.वी. पांडियन ने कहा कि ‘जीरो का दम’ गुणवत्ता, बेहतर कामकाज और ग्राहकों की सुरक्षा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके अनुसार, कड़ी गुणवत्ता जांच, नियमित रखरखाव, सुरक्षा निरीक्षण और स्वतंत्र एजेंसियों के प्रमाणन के जरिए बॉटलिंग प्लांट से ग्राहक के घर तक गुणवत्ता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खराबी मिलने पर मुफ्त रिफिल का भरोसा सिलेंडरों की गुणवत्ता को लेकर कंपनी के विश्वास को दिखाता है। कंपनी का कहना है कि एलपीजी बिजनेस यूनिट का प्रयास ग्राहकों तक बिना खराबी वाले सिलेंडर पहुंचाना और उनका भरोसा मजबूत करना है। यह कंपनी की ओर से दी गई जानकारी और दावा है।
ग्राहक सुरक्षा और गुणवत्ता पर जोर
एलपीजी सिलेंडर रोजमर्रा के घरेलू उपयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में उनकी गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षित आपूर्ति सीधे ग्राहकों की सुरक्षा से जुड़ी है। ‘जीरो का दम’ कार्यक्रम के तहत बीपीसीएल ने गुणवत्ता जांच को व्यवस्थित करने और ग्राहकों को खराबी की स्थिति में राहत देने की बात कही है। दुर्गापुर सहित नए शहरों में इसके विस्तार के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतों के निपटारे और निर्धारित शर्तों के तहत मुफ्त रिफिल की सुविधा कितनी सहजता से उपलब्ध कराई जाती है।
