अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही ट्रेन सराय बंजारा स्टेशन के पास आग की चपेट में आई; तीन जनरल कोच बुरी तरह प्रभावित, चौथे को भी नुकसान; यात्रियों को सुरक्षित निकालकर दो स्पेशल ट्रेनों से भेजा गया
पटियाला। पंजाब के पटियाला जिले में शुक्रवार, 6 नवंबर को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। अमृतसर से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार कोच में आग लग गई। आग की चपेट में तीन जनरल कोच बुरी तरह आ गए, जबकि चौथे कोच को आंशिक नुकसान पहुंचा। ट्रेन में करीब 1,500 यात्री सवार थे। आग फैलने से पहले ही यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में किसी यात्री की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।
यह घटना पटियाला जिले में राजपुरा और सरहिंद के बीच रेलवे सेक्शन पर सराय बंजारा स्टेशन के पास हुई। आग लगते ही ट्रेन को रोक दिया गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग कोच से उतरकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जलते कोच से उठता धुएं का घना गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था।
एक कोच से शुरू हुई आग, तेज हवा से तीन और कोच प्रभावित
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आग शुरुआत में एक कोच में लगी थी। तेज हवा चलने के कारण लपटें पास के कोचों तक फैल गईं और कुल चार कोच इसकी चपेट में आ गए। अंबाला मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशंजित सिंह ने बताया कि तीन जनरल कोच मुख्य रूप से प्रभावित हुए, जबकि चौथे कोच को आंशिक नुकसान पहुंचा।
अंबाला मंडल के DRM विनोद कुमार भाटिया ने बताया कि शुरुआत में आग एक कोच तक सीमित थी, लेकिन हवा की गति के कारण यह फैल गई। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आग लगने की असली वजह अभी सामने नहीं आई है। इसकी जांच कराई जाएगी।

ट्रेन रोकी, बिजली सप्लाई बंद कर अलग किए गए जले हुए कोच
आग का पता चलते ही लोको पायलट और गार्ड ने ट्रेन को रुकवाया। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइनों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद गार्ड और लोको पायलट ने आग से प्रभावित कोचों को ट्रेन के बाकी हिस्से से अलग कर दिया, ताकि लपटें दूसरे डिब्बों तक न पहुंचें।
गार्ड ने रेलवे कंट्रोल रूम को भी घटना की सूचना दी। इसके बाद आसपास की अन्य रेल लाइनों पर चल रही ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने का काम किया और स्थिति पर काबू पाया।
यात्रियों को सुरक्षित निकालकर दो स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं
कर्मभूमि एक्सप्रेस अनारक्षित ट्रेन है, इसलिए इसमें बड़ी संख्या में यात्री सफर कर रहे थे। आग लगने के बाद यात्रियों को प्रभावित कोचों से बाहर निकाला गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में करीब 1,500 यात्री सवार थे और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
यात्रियों को आगे की यात्रा में परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे प्रशासन ने दो स्पेशल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की। सराय बंजारा स्टेशन से यात्रियों को इन ट्रेनों के जरिए न्यू जलपाईगुड़ी की ओर रवाना किया गया। स्टेशन पर यात्रियों के लिए भोजन, पीने का पानी, चाय और बिस्कुट की भी व्यवस्था की गई। स्थानीय परिवहन के जरिए यात्रियों को घटनास्थल से स्टेशन तक पहुंचाने में मदद की गई।

रेलखंड साफ, आग लगने के कारणों की जांच शुरू
घटना के बाद प्रभावित रेलखंड पर परिचालन को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए गए। रेलवे प्रशासन ने बताया कि बाधित हिस्से को साफ कर दिया गया है, ताकि ट्रेनों की आवाजाही सुरक्षित तरीके से बहाल की जा सके। मौके पर रेलवे अधिकारी, पुलिस और दमकलकर्मी तैनात रहे।
आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। कुछ शुरुआती खबरों में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशंजित सिंह ने कहा कि आग लगने का कारण जांच का विषय है। रेलवे की जांच में बिजली की व्यवस्था, कोचों की तकनीकी स्थिति और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल इस घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि आग चार कोच तक फैलने के बावजूद करीब 1,500 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। रेलवे प्रशासन अब आग के कारणों का पता लगाने और प्रभावित कोचों को हटाने की प्रक्रिया में जुटा है।
