मुंगेर के धरहरा में गैस सिलेंडर ठीक करने के दौरान अचानक आग लगने से तीन लोग झुलस गए। घटना गुरुवार की है। हादसे में अमन कुमार, अनुराग कुमार और नयन इंडियन गैस एजेंसी के कर्मी दीपक कुमार झुलस गए। तीनों घायलों का इलाज धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, धरहरा क्षेत्र में दयानंद यादव के पुत्र अमन कुमार के घर गैस सिलेंडर में लीकेज की समस्या सामने आई थी। गैस रिसाव की शिकायत के बाद सिलेंडर को एजेंसी तक ले जाया गया था। वहां कर्मचारियों ने सिलेंडर की जांच करने के बाद उसका रबर बदल दिया और गैस ठीक होने की बात कही थी।
दोबारा शुरू हुआ गैस का रिसाव
बताया गया कि रबर बदलने के बाद भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। गुरुवार को अमन कुमार के घर के सिलेंडर से दोबारा गैस का रिसाव होने लगा। इसी दौरान नयन इंडियन गैस एजेंसी की गाड़ी गांव में गैस की डिलीवरी के लिए पहुंची हुई थी। अमन कुमार ने एजेंसी के कर्मियों को सिलेंडर में फिर से लीकेज होने की जानकारी दी और उसे दोबारा जांचने का अनुरोध किया।
इसके बाद एजेंसी के कर्मी गैस सिलेंडर को ठीक करने में जुट गए। इसी प्रक्रिया के दौरान अचानक सिलेंडर में आग लग गई। आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते अमन कुमार, अनुराग कुमार और एजेंसी कर्मी दीपक कुमार आग की चपेट में आ गए और झुलस गए।

घटना के बाद मची अफरातफरी
अचानक आग लगने के कारण आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और घायल तीनों लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने के बाद इलाज के लिए धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
स्वास्थ्य केंद्र में तीनों घायलों का इलाज शुरू किया गया। हादसे में झुलसे लोगों की हालत और चोटों की गंभीरता के संबंध में उपलब्ध जानकारी में विस्तृत चिकित्सकीय विवरण नहीं दिया गया है। फिलहाल तीनों का इलाज धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
एजेंसी में शिकायत के बाद दोबारा जांच के दौरान हादसा
इस घटना में सामने आया क्रम यह है कि गैस सिलेंडर में पहले लीकेज की समस्या आई थी। अमन कुमार बुधवार को सिलेंडर लेकर गैस एजेंसी पहुंचे थे। एजेंसी के कर्मचारियों ने सिलेंडर का रबर बदला और गैस की समस्या ठीक होने की बात कही। इसके बावजूद अगले दिन फिर से रिसाव शुरू हो गया। इसके बाद एजेंसी के कर्मियों से दोबारा जांच करने को कहा गया।
गांव में गैस डिलीवरी के दौरान ही कर्मियों ने सिलेंडर की समस्या देखने की कोशिश की। इसी दौरान आग लग गई। इस घटनाक्रम ने गैस सिलेंडर की लीकेज समस्या को लेकर मौके पर मौजूद लोगों को भी अचानक मुश्किल स्थिति में डाल दिया।

तीनों घायलों का इलाज जारी
हादसे के बाद घायल अमन कुमार, अनुराग कुमार और दीपक कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों ने घटना के बाद राहत और बचाव में मदद की।
गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या को नजरअंदाज नहीं करने की जरूरत इस घटना के बाद फिर सामने आई है। हालांकि इस मामले में आग लगने के सटीक तकनीकी कारण को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई अलग निष्कर्ष नहीं दिया गया है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच भी गैस लीकेज को लेकर सतर्कता की चर्चा रही।
धरहरा में हुई इस घटना में तीन लोगों के झुलसने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। फिलहाल सभी की नजर घायलों के इलाज और उनकी स्थिति पर बनी हुई है।
