माइकल स्मिथ ने AI से बनाए सैकड़ों हजार गाने और उन्हें खुद बनाए बॉट अकाउंट से अरबों बार चलाया; स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से मिली 8.09 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम जब्त होगी
अमेरिका में म्यूजिक स्ट्रीमिंग की दुनिया से जुड़ी धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें तकनीक का इस्तेमाल संगीत बनाने से ज्यादा फर्जी कमाई का पूरा तंत्र खड़ा करने के लिए किया गया। नॉर्थ कैरोलिना के 54 वर्षीय माइकल स्मिथ को अमेरिकी अदालत ने म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और कलाकारों को रॉयल्टी के नुकसान की साजिश में 18 महीने जेल की सजा सुनाई है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, स्मिथ ने AI से सैकड़ों हजार गाने तैयार किए और उन्हें अपने बनाए हजारों बॉट अकाउंट से अरबों बार स्ट्रीम कराया। इस तरीके से उसने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से 80 लाख डॉलर से ज्यादा की अवैध रॉयल्टी हासिल की।
अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले को AI की मदद से की गई म्यूजिक स्ट्रीमिंग धोखाधड़ी का पहला आपराधिक मामला बताया है।
2017 से 2024 तक चलता रहा पूरा खेल
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, स्मिथ की धोखाधड़ी करीब 2017 से 2024 तक चली। उसका तरीका काफी व्यवस्थित था। उसने पहले Amazon Music, Apple Music, Spotify और YouTube Music जैसे प्लेटफॉर्म पर हजारों फर्जी अकाउंट बनाए। इन अकाउंट को असली श्रोता दिखाने के लिए फर्जी ईमेल आईडी और धोखे से हासिल किए गए डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया गया।

इसके बाद इन अकाउंट को सॉफ्टवेयर के जरिए लगातार ऐसे गाने स्ट्रीम करने के लिए लगाया गया, जिनके अधिकार स्मिथ के पास थे।
यहीं AI ने उसके पूरे सिस्टम को बड़े स्तर पर चलाने में मदद की। स्मिथ ने सैकड़ों हजार AI-जनरेटेड गाने तैयार किए और इन गानों को अलग-अलग अकाउंट से लगातार चलवाया।
एक गाने पर ज्यादा स्ट्रीम नहीं, हजारों गानों में बांट दिया ट्रैफिक
धोखाधड़ी पकड़ में न आए, इसके लिए स्मिथ ने एक ही गाने पर करोड़ों स्ट्रीम दिखाने के बजाय अपनी फर्जी स्ट्रीम को हजारों गानों में बांट दिया। इससे किसी एक गाने पर अचानक असामान्य स्ट्रीम का पैटर्न आसानी से नजर न आए।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, एक समय पर स्मिथ के पास 10 हजार तक बॉट अकाउंट सक्रिय थे। इन अकाउंट के जरिए उसके AI से बनाए गाने अरबों बार स्ट्रीम किए गए।

Taylor Swift से भी कई गुना ज्यादा स्ट्रीम का चौंकाने वाला आंकड़ा
इस मामले की गंभीरता समझने के लिए अमेरिकी अभियोजकों ने एक उदाहरण दिया है। अप्रैल 2023 में YouTube Music के फैमिली प्लान से Taylor Swift के पूरे कैटलॉग को करीब 93 लाख स्ट्रीम मिले थे।
उसी महीने स्मिथ के बॉट अकाउंट ने उसके AI-जनरेटेड गानों को इसी तरह के फैमिली प्लान के जरिए करीब 8.09 करोड़ बार स्ट्रीम किया।
यानी उस एक महीने में स्मिथ के फर्जी सिस्टम से हुई स्ट्रीमिंग Taylor Swift के पूरे कैटलॉग की संबंधित स्ट्रीमिंग से कई गुना ज्यादा थी।
असली नुकसान सिर्फ प्लेटफॉर्म का नहीं, कलाकारों का भी
म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर कलाकारों और गीतकारों को गानों की स्ट्रीमिंग के आधार पर रॉयल्टी मिलती है। इसके लिए एक रॉयल्टी पूल बनाया जाता है, जिसमें से वास्तविक स्ट्रीम के आधार पर भुगतान किया जाता है।

ऐसे में जब बॉट के जरिए नकली स्ट्रीम बढ़ाई जाती है, तो वह पैसा उन लोगों तक भी प्रभावित होता है जिनके गाने वास्तविक श्रोताओं ने सुने हैं। अमेरिकी अभियोजकों का कहना है कि स्मिथ ने वास्तविक कलाकारों और उनके श्रोताओं के हिस्से की रॉयल्टी को प्रभावित करते हुए इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाया।
पहले दोष स्वीकार किया, अब जेल और करोड़ों की रकम जब्त
स्मिथ ने 19 मार्च 2026 को वायर फ्रॉड की साजिश के एक आरोप में अपना अपराध स्वीकार किया था। इसके बाद 6 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी जिला अदालत के जज जॉन जी. कोएल्टल ने उसे 18 महीने जेल की सजा सुनाई।
जेल की सजा के साथ स्मिथ को दो साल की निगरानी में रिहाई का भी सामना करना होगा। अदालत ने उससे 80,91,843.64 डॉलर जब्त करने का आदेश दिया है। यह रकम भारतीय मुद्रा में सैकड़ों करोड़ रुपये के बराबर बैठती है, हालांकि वास्तविक डॉलर-रुपया मूल्य विनिमय दर के अनुसार बदलता रहता है।
AI के इस्तेमाल पर भी बढ़ी बहस
यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें AI का इस्तेमाल सिर्फ गाने बनाने तक सीमित नहीं था। आरोपों के अनुसार, AI ने स्मिथ को इतनी बड़ी संख्या में गाने तैयार करने में मदद की कि वह उन्हें हजारों बॉट अकाउंट के जरिए फैलाकर स्ट्रीमिंग सिस्टम को धोखा दे सके।

अमेरिकी न्याय विभाग ने इसे “Super Intelligence-Assisted Music Streaming Fraud” के तौर पर पेश किया है। यह नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में आधिकारिक सरकारी संचार में Artificial Intelligence (AI) की जगह “Super Intelligence” (SI) शब्द के इस्तेमाल का निर्देश दिया है। न्याय विभाग की इस मामले से जुड़ी प्रेस विज्ञप्ति में भी इसी शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
यह मामला दिखाता है कि AI से संगीत बनाना अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन जब इसी तकनीक को फर्जी श्रोताओं, बॉट अकाउंट और नकली स्ट्रीम के साथ जोड़कर रॉयल्टी सिस्टम को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किया जाए, तो मामला सीधे साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी तक पहुंच सकता है।
