गुजरात में पहली बार सामने आया ऐसा मामला, देश में पांचवां बताया जा रहा केस; दोनों सिर अलग-अलग तरीके से करते हैं प्रतिक्रिया, जंगल में जिंदा रहना होता है मुश्किल
दाहोद: गुजरात के दाहोद जिले में प्रकृति का एक ऐसा दुर्लभ रूप सामने आया है, जिसने वन्यजीव विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। यहां एक ऐसा वुल्फ स्नेक रेस्क्यू किया गया है, जिसके एक ही शरीर पर दो अलग-अलग सिर और चार आंखें हैं।
खास बात यह है कि दोनों सिर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया करते दिखाई देते हैं, जबकि गर्दन के नीचे सांप का शरीर एक ही है। इसे गुजरात में इस तरह का पहला मामला बताया जा रहा है, जबकि देश में यह पांचवां दर्ज केस बताया गया है।
4 अक्टूबर को हुआ दुर्लभ सांप का रेस्क्यू
यह मामला दाहोद के धनपुर क्षेत्र के अगासवानी गांव का है। खेत में इस असामान्य सांप को देखने के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी। इसके बाद प्रकृति मित्र मंडल, दाहोद की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और वन विभाग के सहयोग से सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना 4 अक्टूबर को प्रकृति मित्र मंडल के स्थापना दिवस के दिन सामने आई। रेस्क्यू के बाद सांप को दाहोद लाया गया और उसकी पहचान के लिए तस्वीरें विशेषज्ञों को भेजी गईं। विशेषज्ञों ने इसे वुल्फ स्नेक के रूप में पहचाना।
5-6 इंच का है सांप, दोनों सिर अलग-अलग सक्रिय
रेस्क्यू किए गए सांप की लंबाई करीब 5 से 6 इंच बताई गई है। इसे बेहद छोटा और नवजात/कम उम्र का सांप बताया गया है। इसके शरीर पर दो अलग-अलग सिर हैं और कुल चार आंखें दिखाई देती हैं।
प्रकृति मित्र मंडल के संयोजक और रेस्क्यू टीम लीडर किन्नर देसाई के मुताबिक, दोनों सिर स्वतंत्र रूप से काम करते दिखाई देते हैं। यही इस मामले को और असाधारण बनाता है।
आखिर दो सिर वाला सांप पैदा कैसे होता है?
इस स्थिति को वैज्ञानिक भाषा में ‘बाइसेफली’ (Bicephaly) कहा जाता है। यह पॉलीसेफली की एक स्थिति है, जिसमें एक ही शरीर पर दो सिर विकसित हो जाते हैं। यह सामान्य घटना नहीं है और भ्रूण के विकास के दौरान होने वाली असामान्यता से जुड़ी होती है। कई मामलों में इसका संबंध भ्रूण के पूरी तरह अलग न हो पाने से माना जाता है।

इस तरह के मामलों में दोनों सिरों की गतिविधियां एक-दूसरे से अलग हो सकती हैं। दोनों अलग दिशा में जाने, खतरे पर प्रतिक्रिया देने या भोजन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकते हैं। यही वजह है कि ऐसे सांपों के लिए सामान्य प्राकृतिक वातावरण में शिकार करना और खुद को खतरे से बचाना मुश्किल हो सकता है।
इतनी दुर्लभ क्यों है यह स्थिति?
रेस्क्यू टीम के अनुसार, ऐसी स्थिति करीब 10 लाख सांपों में किसी एक में देखने को मिल सकती है। हालांकि यह आंकड़ा रेस्क्यू टीम के अनुमान/दावे के रूप में सामने आया है, वैज्ञानिक स्रोत बाइसेफली को सांपों में अत्यंत दुर्लभ विकासात्मक विकृति मानते हैं।
भारत में अब तक ऐसे कुछ ही मामले सामने आए हैं। रेस्क्यू टीम के मुताबिक दाहोद का मामला देश में पांचवां है। पहले के मामलों में दो कोबरा और दो कॉमन सैंड बोआ के मामले बताए गए हैं।
वुल्फ स्नेक जहरीला है या नहीं?
यहां एक और महत्वपूर्ण बात है। दाहोद में मिला यह सांप वुल्फ स्नेक है और यह जहरीला नहीं होता। सामान्य तौर पर यह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं माना जाता।

वुल्फ स्नेक अक्सर इंसानी बस्तियों के आसपास भी दिखाई दे सकता है। यह छिपकलियों, कीड़ों और दूसरे छोटे जीवों को खाता है। इस तरह यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में छोटे जीवों की संख्या को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है।
जंगल में ऐसे सांपों के लिए जिंदगी आसान नहीं
दो सिर होना देखने में भले ही प्रकृति का अद्भुत उदाहरण लगे, लेकिन ऐसे जीवों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण भी होती है। दोनों सिरों से अलग-अलग संकेत मिलने के कारण शरीर की दिशा और गतिविधियों में तालमेल की समस्या पैदा हो सकती है। भोजन पकड़ने और खतरे से बचने जैसी सामान्य गतिविधियां भी मुश्किल हो सकती हैं।
यही कारण है कि बाइसेफली वाले जीवों के लिए प्राकृतिक वातावरण में लंबे समय तक जीवित रहना कठिन माना जाता है। दाहोद में हुआ यह रेस्क्यू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे इस दुर्लभ विकासात्मक स्थिति को समझने और दस्तावेजीकरण करने का अवसर मिला है।
एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कहां मिला | अगासवानी गांव, धनपुर क्षेत्र, दाहोद, गुजरात |
| कब रेस्क्यू हुआ | 4 अक्टूबर 2026 |
| प्रजाति | वुल्फ स्नेक |
| लंबाई | करीब 5-6 इंच |
| खासियत | एक शरीर, दो सिर और चार आंखें |
| वैज्ञानिक स्थिति | बाइसेफली |
| जहरीला | नहीं |
| रेस्क्यू | प्रकृति मित्र मंडल, वन विभाग के सहयोग से |
| दुर्लभता | रेस्क्यू टीम के अनुसार करीब 10 लाख में एक |
| भारत में मामला | पांचवां बताया गया |
| गुजरात में | इस तरह का पहला रिपोर्टेड मामला बताया गया है |
