लखीसराय: पीरीबाजार थाना क्षेत्र के मनियारा गांव के समीप घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में माओवादियों के हथियारों के एक कथित गुप्त ठिकाने का पता लगाया गया। तलाशी अभियान के दौरान दो .303 राइफल, दो कट्टा और एक लंबी नली वाला कट्टा बरामद किया गया। इसके अलावा अलग-अलग बोर के 22 कारतूस, इंसास एलएमजी की एक मैगजीन और एक स्लिंग भी बरामद हुई है।
दुर्गम इलाके में साढ़े पांच घंटे चला अभियान
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और हथियारों के छिपे होने की सूचना के आधार पर 25 अक्टूबर से तलाशी अभियान तेज किया गया था। मंगलवार, 27 अक्टूबर को कार्यवाहक कमांडेंट बांके बिहारी के नेतृत्व में एसएसबी के जवानों ने पुलिस के साथ मिलकर जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सघन तलाशी शुरू की। अभियान में एसएसबी की 16वीं वाहिनी, जमुई की आसूचना शाखा और कजरा स्थित ‘डी’ समवाय के जवान शामिल रहे।
तलाशी अभियान में एसएसबी के 26 जवानों के साथ पीरीबाजार थानाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह और पुलिस बल मौजूद रहा। दुर्गम और घने जंगल में छिपे सामान का पता लगाने के लिए खोजी श्वान तथा डीएसएमडी की सहायता भी ली गई। सुरक्षा बलों ने पहाड़ी इलाके के अलग-अलग हिस्सों को बारीकी से खंगाला।
बड़े पत्थरों के बीच सुरंगनुमा जगह में छिपाए गए थे हथियार
तलाशी के दौरान सुबह करीब 11:30 बजे पहाड़ की चोटी तक पहुंचने से पहले बड़े पत्थरों के बीच एक सुरंगनुमा स्थान पर सुरक्षा बलों को संदिग्ध सामग्री दिखाई दी। जांच करने पर वहां काली पॉलीथिन में बांधकर छिपाकर रखे गए हथियार और अन्य सामान बरामद हुए। सुरक्षा बलों के अनुसार, बरामद सामग्री को मौके पर ही विधिवत जब्त किया गया।

बरामदगी में दो .303 राइफल, दो कट्टा और एक लंबी नली वाला कट्टा शामिल है। इनके साथ विभिन्न बोर के 22 कारतूस, इंसास एलएमजी की एक मैगजीन और एक स्लिंग भी मिली। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में इस तरह हथियारों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद तलाशी अभियान को सुरक्षा की दृष्टि से पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ाया गया।
पुलिस को सौंपा गया बरामद हथियार
सघन तलाशी के बाद बरामद सभी हथियार, कारतूस और अन्य सामग्री को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पीरीबाजार थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अब बरामद हथियारों और कारतूसों के संबंध में आवश्यक जांच कर रही है।
अभियान में शामिल अधिकारियों के मुताबिक, विश्वसनीय सूचना के आधार पर शुरू की गई कार्रवाई के दौरान जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में लगातार तलाशी ली गई। खोजी श्वान और डीएसएमडी की मदद से ऐसे स्थानों की भी जांच की गई, जहां सामान्य परिस्थितियों में पहुंचना मुश्किल है। इसी क्रम में बड़े पत्थरों के बीच बने सुरंगनुमा स्थान से हथियारों की बरामदगी हुई।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
बरामद हथियारों को लेकर पुलिस स्तर पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में बरामदगी और अभियान से जुड़े तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को मनियारा के दुर्गम जंगल में हथियारों की तलाश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मनियारा और आसपास के पहाड़ी-जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों की कार्रवाई ऐसे इलाकों में तलाशी अभियान की चुनौती को भी सामने लाती है। घने जंगल, ऊबड़-खाबड़ भूभाग और पहाड़ी रास्तों के बीच अभियान चलाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है। फिलहाल बरामद हथियारों और कारतूसों को पुलिस के कब्जे में लेकर मामले की आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
