Costa Rica से शुरू हुआ सफर अब विश्व रिकॉर्ड की दौड़ तक पहुंच चुका है। 20 साल की Sophia Lee 195 देशों की यात्रा पूरी कर मौजूदा रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश में हैं।
सिर्फ 13 साल की उम्र में अकेले विदेश यात्रा पर निकलना किसी किशोरी के लिए आसान नहीं होता। लेकिन अमेरिकी यात्री Sophia Lee के लिए Costa Rica की वह पहली सोलो ट्रिप उनकी जिंदगी का ऐसा मोड़ बनी, जिसने उन्हें दुनिया घूमने के जुनून तक पहुंचा दिया। आज 20 साल की Lee दुनिया के लगभग हर देश की यात्रा कर चुकी हैं और अब उनका लक्ष्य 195 देशों और क्षेत्रों की यात्रा पूरी करके सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने का रिकॉर्ड बनाना है।
उनका सफर 2019 में Costa Rica से शुरू हुआ था। उस समय पहली बार अमेरिका से बाहर अकेले जाने के लिए उन्हें अपने माता-पिता की लिखित अनुमति लेनी पड़ी थी। वहां अकेले घूमते हुए उन्हें खुद रास्ते तलाशने, फैसले लेने और अनजान लोगों से बातचीत करने का मौका मिला। Lee के मुताबिक, इसी अनुभव से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें समझ आया कि अकेले यात्रा करना उनके लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
परिवार से मिली दुनिया घूमने की प्रेरणा
Lee ऐसे परिवार से आती हैं जहां यात्रा हमेशा जिंदगी का हिस्सा रही। उनके दादा-दादी अमेरिकी Peace Corps से जुड़े रहे थे। बचपन में उनके अनुभवों और यात्राओं की कहानियां सुनकर Lee के मन में भी अलग-अलग देशों और संस्कृतियों को करीब से देखने की इच्छा पैदा हुई।
Costa Rica से लौटने के बाद उन्होंने यात्रा को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाने का फैसला किया। उसी साल उन्होंने योग शिक्षक की ट्रेनिंग भी ली। इसके बाद कुछ यात्राओं में योग सिखाकर या सोशल मीडिया से जुड़े काम करके रहने और खाने का खर्च निकाला।
होमस्कूलिंग ने भी उन्हें पढ़ाई के साथ यात्रा करने की ज्यादा आजादी दी। 16 साल की उम्र में उन्होंने हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी कर ली। इसके बाद उनके सामने फिल्म स्कूल जाने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने दुनिया घूमने को प्राथमिकता दी।
50 से ज्यादा देशों के बाद रिकॉर्ड का सपना
17 साल की उम्र तक Lee 50 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुकी थीं। इसी दौरान उन्हें Lexie Alford के रिकॉर्ड के बारे में पता चला। Alford ने 2019 में 21 साल और 177 दिन की उम्र में सभी संप्रभु देशों की यात्रा पूरी करके Guinness World Records में सबसे कम उम्र के व्यक्ति का रिकॉर्ड बनाया था।
शुरुआत में Lee को खुद नहीं लगा था कि वह इस रिकॉर्ड को चुनौती दे पाएंगी। लेकिन लगातार यात्राओं और अलग-अलग देशों के अनुभवों के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लेने का फैसला किया।
Guinness की प्रक्रिया के लिए सिर्फ यह कहना पर्याप्त नहीं था कि उन्होंने किसी देश की यात्रा की है। उन्हें यात्रा का प्रमाण जुटाना था। इसके लिए GPS रिकॉर्ड और दूसरी जानकारी सुरक्षित रखनी पड़ी। उनके रिकॉर्ड प्रयास में सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल और पहले देखे गए करीब 50 देशों में दोबारा जाकर आवश्यक प्रमाण जुटाने जैसी शर्तें भी शामिल थीं।
$100 के बजट से शुरू हुई रिकॉर्ड यात्रा
रिकॉर्ड की कोशिश के शुरुआती दौर में Lee बेहद सीमित बजट में यात्रा करती थीं। उनका शुरुआती लक्ष्य करीब 100 डॉलर प्रति देश में काम चलाना था। खर्च बचाने के लिए वह कई बार रात की बसों में सफर करती थीं, ताकि होटल का खर्च बच सके।
जैसे-जैसे उनकी यात्रा की कहानी लोगों तक पहुंची, उन्हें स्पॉन्सरशिप और ब्रांड पार्टनरशिप मिलने लगीं। इससे उनकी आर्थिक मुश्किल कुछ कम हुई।
पिछले दो वर्षों में उन्होंने 186 देशों और क्षेत्रों की यात्रा की। इनमें Iran, Vietnam, Libya और Albania जैसे देश भी शामिल हैं। हालांकि Lee के लिए किसी देश की यात्रा का मतलब सिर्फ वहां पहुंचकर निकल जाना नहीं है। वह स्थानीय लोगों से बातचीत, स्थानीय खाना और सांस्कृतिक स्थलों को अनुभव करने को वास्तविक यात्रा का हिस्सा मानती हैं।
कुछ सफर बेहद कठिन भी रहे
दुनिया घूमने का यह सफर हमेशा आसान नहीं रहा। Somalia की यात्रा के दौरान उन्हें लगातार सुरक्षा एस्कॉर्ट के साथ रहना पड़ा। Turkmenistan में अमेरिकी नागरिकों के लिए लागू नियमों के कारण उन्हें संगठित टूर के जरिए यात्रा करनी पड़ी।
Congo की यात्रा के दौरान Lee इतनी बीमार पड़ गई थीं कि उन्होंने यात्रा बीच में छोड़कर घर लौटने पर भी विचार किया। लेकिन रिकॉर्ड पूरा करने की इच्छा ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके उलट Uganda की यात्रा उनकी सबसे यादगार यात्राओं में रही। फरवरी 2025 में उनके दादा भी वहां पहुंचे और दोनों ने Bwindi Impenetrable National Park में mountain gorillas देखे। Lee ने इस अनुभव को अपनी यात्रा के सबसे खास पलों में शामिल किया।
सात साल से सूटकेस में जिंदगी
लगातार यात्रा की अपनी कीमत भी है। Lee ने बताया कि वह कुछ रिश्तेदारों से करीब तीन साल तक नहीं मिल सकीं और अपने माता-पिता को भी एक साल से ज्यादा समय तक नहीं देख पाईं। उनकी उम्र के दोस्तों की संख्या भी कम है, क्योंकि उनकी किशोरावस्था का बड़ा हिस्सा यात्रा करते हुए बीता और रास्ते में उनके ज्यादातर दोस्त उनसे उम्र में काफी बड़े रहे।
लगातार घूमने की वजह से उनके पास किसी एक जगह को अपना घर कहने का अनुभव भी कम रहा। हालिया स्वास्थ्य परेशानियों के बाद वह कुछ समय रुककर आराम करने की इच्छा भी जता चुकी हैं।
करीब 200 देशों में भारत सबसे खास
दुनिया के लगभग 200 देशों और क्षेत्रों की यात्रा करने के बाद भी Lee के लिए भारत सबसे पसंदीदा देश है। वह 2022 में पहली बार भारत आई थीं और इसके बाद पांच बार यहां लौट चुकी हैं।
भारत को पसंद करने की वजह बताते हुए उन्होंने यहां की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता और लोगों की मेहमाननवाजी का जिक्र किया। उनके लिए भारत की खासियत यह है कि एक ही देश में हिमालय से लेकर समुद्र, बड़े शहरों से लेकर दूर-दराज के इलाकों तक बिल्कुल अलग अनुभव मिलते हैं।
Haiti ने भी उन्हें प्रभावित किया। शुरुआत में वहां जाने को लेकर वह चिंतित थीं, लेकिन वहां की प्राकृतिक खूबसूरती और लोगों के व्यवहार ने उनकी धारणा बदल दी।
अब उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव Venezuela होना था। हालांकि वहां आए भूकंपों के कारण उनकी योजना प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई थी।
13 साल की उम्र में Costa Rica की एक छोटी-सी अकेली यात्रा से शुरू हुआ सफर अब विश्व रिकॉर्ड की कोशिश तक पहुंच चुका है। Sophia Lee की कहानी सिर्फ देशों की गिनती की नहीं, बल्कि उस सफर की भी है जिसमें उन्होंने कम उम्र में अकेले फैसले लेना, अलग-अलग संस्कृतियों को समझना और दुनिया को करीब से देखना सीखा।