15 मिनट बाद ‘ब्रेक’, रात में ऐप एक्सेस पर रोक और सख्त एज-वेरिफिकेशन; TikTok पर लगे थे बच्चों को लत लगाने और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट से बचाने में नाकाम रहने के आरोप
वॉशिंगटन। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok और उसकी पैरेंट कंपनी ByteDance ने अमेरिका के Alabama राज्य के साथ किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बड़ा समझौता किया है। समझौते के तहत TikTok Alabama को कम से कम 100 मिलियन डॉलर देगा और बच्चों व किशोरों के लिए प्लेटफॉर्म पर कई नए सुरक्षा उपाय लागू करेगा। कुछ शर्तें पूरी होने पर यह भुगतान 300 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
यह समझौता उस मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से कुछ दिन पहले हुआ, जिसमें Alabama ने TikTok पर आरोप लगाए थे कि प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया गया कि बच्चे और किशोर लंबे समय तक इससे जुड़े रहें और कंपनी ने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं को गुमराह किया। मामले की सुनवाई सोमवार से शुरू होनी थी और यह TikTok के खिलाफ किसी अमेरिकी राज्य में मुकदमे की पहली ऐसी सुनवाई होती।
बच्चों के लिए अब क्या बदलेगा?
समझौते के तहत Alabama में किशोरों के लिए TikTok के इस्तेमाल पर कई पाबंदियां और सुरक्षा उपाय लागू होंगे।
2 घंटे की दैनिक सीमा:
नाबालिग यूजर्स के लिए TikTok पर रोजाना इस्तेमाल की सीमा दो घंटे होगी। माता-पिता चाहें तो अपने स्तर पर इस समय को और कम कर सकेंगे।
15 मिनट बाद स्क्रॉलिंग पर ब्रेक:
लगातार वीडियो देखने की आदत को रोकने के लिए 15 मिनट के बाद पहला ‘Productive Pause’ आएगा। इसके बाद 60 और 90 मिनट के इस्तेमाल पर भी ब्रेक दिया जाएगा।
यानी यूजर लगातार बिना रुके वीडियो स्क्रॉल नहीं कर सकेगा।
रात 12 से सुबह 6 बजे तक बच्चों के लिए एक्सेस बंद:
समझौते के तहत बच्चों के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक TikTok का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। रात और स्कूल के समय मैसेजिंग तथा पुश नोटिफिकेशन पर भी अतिरिक्त सीमाएं लगाई जाएंगी।
उम्र छिपाकर अकाउंट बनाना होगा मुश्किल
समझौते में Age Assurance यानी यूजर की उम्र की बेहतर पुष्टि के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है।
मामले में Alabama ने आरोप लगाया था कि TikTok उम्र की जानकारी के लिए यूजर्स की स्वयं दी गई जानकारी पर निर्भर करता था। राज्य का यह भी आरोप था कि बिना अकाउंट बनाए भी लोग वीडियो देख सकते थे और इससे बच्चों के लिए बनाई गई कुछ सुरक्षा व्यवस्थाओं को दरकिनार किया जा सकता था। ये आरोप मुकदमे में राज्य की ओर से लगाए गए थे; समझौता इन आरोपों पर अदालत का फैसला नहीं है।
बच्चों और वयस्कों के बीच संदिग्ध संपर्क पर नजर
TikTok को किशोरों के अकाउंट की वयस्क यूजर्स के बीच discoverability सीमित करनी होगी। इसके अलावा, किशोर और वयस्क के बीच संदिग्ध बातचीत मिलने पर माता-पिता को नोटिफिकेशन देने की व्यवस्था भी समझौते का हिस्सा है।
किशोर यूजर्स के लिए कॉस्मेटिक फिल्टर पर पूरी तरह रोक लगाने और उनके लिए डिफॉल्ट रूप से non-personalized feed उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
Non-personalized feed का मतलब है कि किशोर को उसकी पिछली गतिविधियों के आधार पर लगातार व्यक्तिगत वीडियो सुझाने के बजाय सामान्य फीड दी जाएगी।
TikTok पर क्या आरोप लगाए गए थे?
Alabama ने 2025 में TikTok के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। राज्य का आरोप था कि प्लेटफॉर्म का लगातार चलता रहने वाला वीडियो फीड बच्चों और किशोरों को लंबे समय तक जोड़े रखने में मदद करता है।
राज्य ने यह भी आरोप लगाया कि TikTok का एल्गोरिदम किशोर यूजर्स को हिंसा और आत्म-हानि जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़े कंटेंट की ओर धकेल सकता है और कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा के बारे में उपभोक्ताओं को गुमराह किया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये Alabama की शिकायत में लगाए गए आरोप हैं, अदालत द्वारा सिद्ध किए गए तथ्य नहीं। मामला ट्रायल तक पहुंचने से पहले समझौते में समाप्त हो गया।
TikTok की ओर से अमेरिकी संचालन के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह समझौता किशोरों की सुरक्षा के लिए उसके मौजूदा सुरक्षा उपायों को लगातार बेहतर करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
सिर्फ Alabama ही नहीं, कई राज्यों में चल रहे मामले
TikTok के खिलाफ अमेरिका में किशोरों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर मुकदमों का दायरा बड़ा है। Reuters के मुताबिक Alabama का समझौता कंपनी का किसी अमेरिकी राज्य के साथ इस तरह का पहला समझौता है, जबकि देश के कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह के दावे किए गए हैं।
इसके अलावा TikTok को व्यक्तिगत यूजर्स, स्कूल डिस्ट्रिक्ट और स्थानीय संस्थाओं की ओर से भी हजारों मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। Meta, Snap और YouTube की पैरेंट कंपनी Alphabet भी इसी व्यापक विवाद से जुड़े अलग-अलग मामलों में प्रतिवादी हैं।
Meta के बाद TikTok पर भी दबाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब सोशल मीडिया कंपनियों पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर अमेरिका में कानूनी दबाव बढ़ा है।
अगस्त 2026 में Alabama समेत कई राज्यों और अमेरिकी क्षेत्रों के साथ Meta ने भी एक बड़ा समझौता किया था। उस समझौते में Instagram और Facebook पर बच्चों के लिए दो घंटे की दैनिक सीमा, रात में एक्सेस प्रतिबंध और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल थे।
TikTok के साथ हुआ नया समझौता इसी व्यापक बहस का हिस्सा है कि बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की डिजाइन और सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कितनी होनी चाहिए।
एक नजर में समझौते की बड़ी बातें
| प्रावधान | क्या बदलेगा |
|---|---|
| 💰 भुगतान | Alabama को कम से कम $100 मिलियन |
| 📈 संभावित भुगतान | शर्तें पूरी होने पर $300 मिलियन तक |
| ⏱️ दैनिक इस्तेमाल | किशोरों के लिए 2 घंटे की सीमा |
| ⏸️ ब्रेक | 15, 60 और 90 मिनट पर Productive Pause |
| 🌙 रात का एक्सेस | रात 12 से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंध |
| 🔐 उम्र की जांच | मजबूत Age Assurance व्यवस्था |
| 👨👩👧 पैरेंटल कंट्रोल | माता-पिता को अतिरिक्त समय नियंत्रण |
| 🚨 संदिग्ध संपर्क | कुछ संदिग्ध teen-adult interactions पर पैरेंट नोटिफिकेशन |
| 🎨 कॉस्मेटिक फिल्टर | किशोरों के लिए प्रतिबंध |
| 📱 फीड | डिफॉल्ट non-personalized feed |
सबसे अहम बात: यह समझौता अदालत द्वारा TikTok को इन आरोपों का दोषी ठहराने वाला फैसला नहीं है। यह Alabama के मुकदमे को समझौते के जरिए खत्म करता है और बदले में कंपनी पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नए दायित्व डालता है।