Nalanda News। दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर शनिवार को रहुई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीडीओ धर्मराज कुमार ने की, जबकि संचालन थानाध्यक्ष ललित विजय ने किया। बैठक में जनप्रतिनिधियों, पूजा समिति के आयोजकों, डीजे संचालकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान पूजा आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर प्रशासन की ओर से कई आवश्यक निर्देश दिए गए। पूजा समितियों से नियमों का पालन करते हुए पर्व मनाने और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई।
बैठक में सीओ राजकमल, राजस्व अधिकारी निशांत कौस्तुभ, उप प्रमुख राकेश रंजन, उप मुख्य पार्षद अनिल पांडेय, अविनाश प्रसाद, विनोद कुमार, धर्मेंद्र कुमार, रौशन कुमार, बाल्मीकि कुमार और योगेंद्र पासवान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रतिमा स्थापना के लिए लाइसेंस जरूरी
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा स्थापित करने के लिए पूजा समितियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। वहीं डीजे के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। लाउडस्पीकर बजाने के लिए प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य किया गया है। प्रशासन का जोर पूजा पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत रखने पर है।
जुलूस के रूट और वीडियोग्राफी पर भी नजर
पूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। प्रशासन की ओर से जुलूस की वीडियोग्राफी कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। जुलूस को निर्धारित मार्ग से ही निकालने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली मूर्ति, बैनर या झांकी के इस्तेमाल पर रोक की बात कही गई। प्रशासन ने पूजा समितियों से ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने को कहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव या विवाद की स्थिति पैदा हो।
अश्लील गाने और आपत्तिजनक नारों पर रोक
विसर्जन जुलूस के दौरान अश्लील गाने, आपत्तिजनक नारे और हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। जुलूस में लाठी-डंडे, भाला, बरछी, तलवार, कटार, फरसा और हॉकी स्टिक जैसी वस्तुएं लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी।
पूजा समितियों को निर्धारित समय के भीतर प्रतिमा विसर्जन करने का भी निर्देश दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूजा से लेकर विसर्जन तक सभी समितियों को निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
बैठक में प्रशासन और पूजा समितियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि दुर्गा पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके।