मानेसर-नौरंगपुर-लखनौला की जमीन से जुड़े मामले में कार्रवाई; एजेंसी ने प्रोजेक्ट फाइलें, डिजिटल डिवाइस, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर भी कब्जे में लिए
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 28 सितंबर 2026 को TDI ग्रुप के चेयरपर्सन रविंदर तनेजा और उनसे जुड़ी कंपनियों के परिसरों पर कार्रवाई की। यह कार्रवाई 2015 के गुरुग्राम-मानेसर लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। ED के मुताबिक, यह मामला अतुल बंसल के ABWIL ग्रुप से जुड़े जमीन लेनदेन से संबंधित है।
दिल्ली और मोहाली में तीन दिन से ज्यादा चली तलाशी
ED के चंडीगढ़ जोन-I ने नई दिल्ली और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) में रविंदर तनेजा से जुड़े कारोबारी और आवासीय परिसरों की तलाशी ली। कार्रवाई 28 सितंबर से शुरू हुई और तीन दिन से ज्यादा समय तक चली।
तनेजा TDI ग्रुप के चेयरपर्सन हैं और TDI Infratech Ltd तथा TDI Infrastructure Ltd समेत कई कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर से जुड़े हैं। तलाशी के दौरान ED ने कई प्रोजेक्ट फाइलें, दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और सर्वर जब्त किए। एजेंसी ने कुछ लग्जरी गाड़ियों को भी जब्त किया और इन्हें अपराध से अर्जित संपत्ति यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ से जुड़ा बताया।
400 एकड़ से ज्यादा जमीन की जांच
ED की जांच 400 एकड़ से ज्यादा उस जमीन से जुड़ी है, जिसे मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों में राज्य सरकार ने 2007 में अधिग्रहण के लिए अधिसूचित किया था।
एजेंसी के मुताबिक, अधिग्रहण की आशंका के बीच कुछ निजी बिल्डरों और बिचौलियों ने किसानों से जमीन अपेक्षाकृत कम कीमत पर खरीदी। बाद में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और अधिग्रहण समाप्त हो गया। इसके बाद जमीन को ऊंची कीमत पर बेचे जाने से बड़े मुनाफे का आरोप है।
ED ने TDI ग्रुप को ऐसे ही एक बिचौलिए के तौर पर चिन्हित किया है। यह आरोप जांच का हिस्सा हैं और मामले की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
तीन कंपनियों के जरिए खरीदी गई करीब 33 एकड़ जमीन
जांच एजेंसी के अनुसार, 2005 से 2007 के बीच TDI ने तीन कंपनियों—Indo Asian Construction Co. Pvt. Ltd., NCR Properties Pvt. Ltd. और Divya Jyoti Enterprises Pvt. Ltd.—के जरिए करीब 33 एकड़ जमीन खरीदी थी।
ED का कहना है कि बाद में इस जमीन को अतुल बंसल के ABWIL ग्रुप को ऊंचे दाम पर बेचा गया, जिससे काफी मुनाफा हुआ। एजेंसी इसी लेनदेन को मानेसर जमीन मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है।
दूसरे प्रोजेक्ट्स के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
तलाशी के दौरान TDI ग्रुप के दूसरे प्रोजेक्ट्स से जुड़े कथित अनियमितताओं के रिकॉर्ड भी सामने आने की बात ED ने कही है। अब जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों की जांच की जा रही है।
यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत चल रही जांच से जुड़ा है, जिसकी पृष्ठभूमि CBI की FIR से संबंधित बताई गई है। व्यापक गुरुग्राम-मानेसर भूमि मामले में जमीन लेनदेन और उससे जुड़े कथित वित्तीय नुकसान की भी जांच हुई है; इस आंकड़े को TDI का व्यक्तिगत नुकसान या मुनाफा नहीं माना जाना चाहिए।
ED अब जब्त किए गए रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री के आधार पर यह पता लगाने में जुटा है कि जमीन के लेनदेन और दूसरे प्रोजेक्ट्स में पैसों का प्रवाह किस तरह हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों और संबंधित संपत्तियों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।